विषय: जातिप्रथा

माखनलाल के छात्रों का कैंडल मार्च

जामिया की हिंसा देखी, मजहबी नारे सुने: अब देखिए माखनलाल के पीड़ित छात्रों का मौन विरोध

अपने ही प्रोफेसरों से प्रताड़ित माखनलाल के छात्रों के साथ बीते दिनों पुलिस ने भी जोर-जबर्दस्ती की थी। बावजूद इसके जब ये भोपाल की सड़कों पर निकले तो कोई शोर-शराबा नहीं हुआ। न सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुॅंचाया गया।
छात्रोंं के साथ जोर-जबर्दस्ती

कड़ाके की ठंड, घुप्प अँधेरी रात, 20 किमी घुमाया, कपड़े उतरवाए: दिलीप मंडल का विरोध करने की सजा

जातिगत भेदभाव के आरोपों में घिरे प्रोफेसर दिलीप मंडल और मुकेश कुमार जॉंच पूरी होने तक माखनलाल यूनिवर्सिटी के कैंपस में प्रवेश नहीं कर पाएँगे। लेकिन, उससे पहले छात्रों के साथ जो कुछ हुआ वह हतप्रभ करने वाला था। पीड़ित छात्रों की जुबानी सुनिए उस रात की प्रताड़ना।
इनकी पहचान यही है कि हर चीज़ को जाति के चश्मे से देखते हैं: शायद अपने चश्मे को भी?

दिलीप मंडल पढ़ाने की जगह ‘जाति के आधार पर विभाजन’ खड़ा कर रहे हैं: माखनलाल यूनिवर्सिटी में बवाल

कुलपति ने मामले की जाँच के लिए एक कमेटी भी बना दी है, लेकिन छात्र चाहते हैं कि इन दोनों प्रोफ़ेसरों की सेवाएँ तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाएँ। साथ ही छात्रों ने कहा कि उनके विरोध प्रदर्शन के बारे में गलत अफ़वाहें भी उड़ाई जा रहीं हैं।
नारायणस्वामी महसूस कर रहे हैं प्रमाणित, लेकिन नहीं करना चाहते ज़बरदस्ती

कर्नाटक में भाजपा सांसद को गाँव में घुसने से रोका, कहा दलित है, नहीं आ सकता

राज्य के उपमुख्यमंत्रियों में से एक सीएन अश्वत नारायण ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि अगर यह सच है तो वे इसकी निंदा करते हैं, और इस पर कार्रवाई होगी।
आरएसएस नेता गोपाल कृष्ण

फूट डालो-राज करो की साजिश: मुसलमान लेकर आए छुआछूत, अंग्रेजों ने गढ़ा ‘दलित’

बकौल कृष्ण गोपाल, सिंध के अंतिम हिन्दू राजा दाहिर की पत्नियाँ जब जौहर करने जा रही थीं, तब उन्होंने 'म्लेच्छ' शब्द का प्रयोग किया था। रानियों का मानना था कि अगर उन्होंने जल्द से जल्द जौहर कर अपने प्राण नहीं त्यागे तो 'म्लेच्छ' लोग (इस्लामिक आक्रांता) आकर उन्हें छू देंगे।

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