Saturday, September 25, 2021

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नीतीश कुमार

बिहार में 10 नवंबर को क्या होगा? उलझे समीकरणों के बीच जमीन के संकेत स्पष्ट हैं

इस चुनावी लड़ाई में BJP सबसे आगे दिख रही। RJD और JDU उसके पीछे। लेकिन, बिना नीतीश कुमार के कोई सरकार बनने की संभावना नहीं दिखती।

छपरा के ‘नाथ’ जिसे अपने ही चेले से मिली हार तो बदले में उसे बम से उड़ाया, RJD से बेटा लड़ रहा चुनाव

सियासत में कूदने से पहले ही प्रभुनाथ का आस्तीन दाग़दार हो चुका था। 1980 में मशरक के विधायक रामदेव सिंह की हत्या हुई थी और आरोप लगा था प्रभुनाथ सिंह पर।

बिहार का वो गाँव जहाँ कभी पूरे राज्य से आते थे कारोबारी, आज फेरी लगाने और पलायन को मजबूर

क्या बिहार से पलायन करने की मजबूरी को रोकने का इलाज बड़े कल-कारखाने ही हैं? क्या बड़ी इंडस्ट्रियों के बगैर राज्य में रोजगार का सृजन नहीं हो सकता?

बिहार में ई बा: कुछ लोगों के निजी स्वार्थ और धंधे पर चोट है मैथिली ठाकुर का गाना

दहेज़ के बारे में सोचा है? एक तो इसमें ‘ज’ के नीचे जो बिंदी होती है, वो देवनागरी लिपी में होती ही नहीं। यानी, ये देशज नहीं, विदेशज शब्द है। दहेज़ जैसा कोई सिद्धांत भारत में नहीं होता था।

‘एक्के केस में बाभन का रिहाई और यादव को सजा, मोदी उसको सड़ा दिया जेल में’ – ‘विकास’ के बाद भी जातीय गोलबंदी

लखीसराय जिले की दो विधानसभा सीटों के समीकरण, यादव बहुल पंचायतों का इस बार कैसा है चुनावी मिजाज। नीतीश का सूर्यगढ़ा से क्या है 'नाता'?

‘बंदर’ शहाबुद्दीन का था आतंक, लेकिन ‘मदारी’ था लालू… हाथ डालने वाले SP से लेकर DGP तक को हटा दिया जाता था

शहाबुद्दीन की अपराध की दास्‍तान तब शुरू हो गई थी, जब महज 19 साल की उम्र में उसके खिलाफ सिवान के एक थाने में पहला मामला दर्ज हुआ था।

‘मगहिया डॉन’ अनंत सिंह: सोने का मुकुट पहन किया था विरोधी के घर हमला, ₹3 लाख से 68 करोड़… सिर्फ 15 साल में

अनंत सिंह को उनके समर्थक ‘छोटे सरकार’ और मगहिया डॉन कहते हैं। जिस अनंत सिंह को कल तक तेजस्वी यादव असामजिक तत्‍व कह कर नकार रहे थे, आज वही...

कोसी का ऊँट किस करवट बैठैगा इस बार? जहाँ से बनती-बिगड़ती है बिहार की सरकार… बाढ़ का मुद्दा किसके साथ?

लॉकडाउन की वजह से बाहर गए मजदूरों का एक बड़ा वर्ग इस बार घर पर ही होगा। पलायन की पीड़ा के अलावा जिस बाढ़ की वजह से...

बिहार चुनाव की वो 40+ सीटें, जहाँ ओवैसी कर सकते हैं खेल: राजनीति की प्रयोगशाला में चलेगा दलित-मुस्लिम कार्ड

किशनगंज (करीब 68%), कटिहार (करीब 45%), अररिया (करीब 43%) और पुर्णिया (करीब 39%) में कम से कम 20 सीटें ऐसी हैं, जहाँ से...

‘मैं राजनीति को नहीं समझता, मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ’ – बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे नीतीश की पार्टी में शामिल

“मैं राजनीति को नहीं समझता। मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ, जिन्होंने अपना समय समाज के निचले तबके के लिए काम करने में बिताया है।”

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