विषय: प्रौद्योगिकी

RISAT2-BR1 के लॉन्च की तस्वीरें

इसरो का 50वाँ लॉन्च: ख़ुफ़िया सैटेलाइट कक्षा में, सेना को एयर स्ट्राइक में नहीं होगी अब समस्या

RISAT2-BR1 के पहले तक भारत को बादल घिर आने की स्थिति में ज़मीनी तस्वीरों के लिए कनाडाई उपग्रहों से मिली तस्वीरों पर निर्भर रहना पड़ता था। यह समस्या भारत की इस साल फरवरी में हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान भी खड़ी हुई थी।
हज़्ज़ा अल मंसूरी, संयुक्त अरब अमीरात के पहले अंतरिक्ष यात्री ( News18 से साभार चित्र)

आसमान में मक्का के टाइमटेबल से पढ़ना नमाज: UAE के अंतरिक्षयात्री को मिलीं ‘इस्लामिक गाइडलाइन’

इस्लाम की प्रथाओं के अनुसार मुसलमानों को नमाज़ दिन के समय के हिसाब से पढ़नी होती है, जबकि अंतरिक्ष में हज़्ज़ा को 16-16 सूर्योदय और सूर्यास्त एक दिन में दिखने थे। ऐसे में प्राधिकरण ने हज़्ज़ा को मुसलमानों की पवित्रतम जगह मक्का के सूर्योदय-सूर्यास्त के समय नमाज़ पढ़ने की सलाह दी है।
इसरो प्रमुख के शिवन (DNA से साभार)

चंद्रयान-2 98% सफल, 2020 तक एक और मिशन, 2021 में स्वदेशी रॉकेट से चाँद पर भारतीय: इसरो प्रमुख

इसरो प्रमुख ने बताया कि इसरो का अगला बड़ा लक्ष्य गगनयान है। उन्होंने बताया कि संस्था दिसंबर, 2021 तक चन्द्रमा पर मनुष्य को भेजने के लक्ष्य पर काम कर रही है। और उस मिशन में रॉकेट भी भारत में बना हुआ ही होगा।
पाकिस्तान

कबूतर से जहर खींचने वाला पाकिस्तान पानी से भी चला चुका है कार

परमाणु बम की तकनीक 'नकलचोरी' करने वाले कादिर खान को सर पर बिठाने वाले पाकिस्तान में असली वैज्ञानिकों की नाकद्री का अब्दुस सलाम से बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता। लेकिन उन्हें कभी भाव नहीं दिया गया, क्योंकि वे अहमदी थे, जिन्हें कठमुल्ले 'सच्चा मुसलमान' नहीं मानते।
प्रतीकात्मक चित्र

असम बाढ़: चीन, रूस, फ्रांस ने बढ़ाया मदद का हाथ, साझा की सैटेलाइट तस्वीरें

2014 के अगस्त में जब चीन में 398 लोगों की जान लेने वाला भूकंप आया था, इसरो ने भी CARTOSAT से ली हुई तस्वीरें चीन की एक्टिवेशन रिक्वेस्ट के बाद भेजी थीं।
Chandrayaan-2

इसरो ने जारी की Chandrayaan-2 द्वारा ली गई पृथ्वी की बेहद खूबसूरत तस्वीरें

2 अगस्त को भारत के मून स्पेसक्राफ्ट चंद्रयान-2 की ऑर्बिट को चोथी बार सफलतापूर्वक बढ़ाया था। इसके ऑर्बिट को 6 अगस्त को दोपहर 2.30 से 3.30 के बीच में पाँचवीं बार बढ़ाया जाएगा।
अब्दुल कलाम

जाते-जाते दोबारा उपयोग में लाई जाने मिसाइलों पर काम करने का मंत्र दे गए थे कलाम

रेड्डी ने बताया कि कलाम ने उन्हें दोबारा उपयोग में लाई जाने वाली मिसाइलों पर काम का सुझाव दिया था। एक ऐसी मिसाइल जो पेलोड ले जा सके, फिर वापस आ जाए और दूसरा पेलोड ले जाए।
'साइंटिफिक टेम्पर' वाले नेहरू-भक्तों को साइंटिस्ट का जवाब

‘अगर चंद्रयान नेहरू की देन, तो अमेरिका को चाँद पर हिटलर ने भेजा’

बकौल रंगनाथन, अगर कॉन्ग्रेस चंद्रयान-2 का श्रेय नेहरू को देना चाहती है तो ऐसे तो अमेरिका के मानव को चन्द्रमा पर भेजने का श्रेय भी हिटलर को जाएगा।

पहाड़ों में ड्रोन का कमाल, 100 Km/h की रफ्तार से पहुँचाया ब्लड सैंपल

इस ड्रोन को सीडी स्पेस रोबॉटिक्स लिमिटेड नाम की एक फ़र्म ने बनाया था और इसके मालिक निखिल उपाधे हैं जो आईआईटी कानपुर के छात्र रह चुके हैं। उपाधे के अनुसार, “हमने जो ड्रोन बनाए हैं उनमें कूलिंग किट के साथ-साथ आपातकालीन दवाओं और ब्लड यूनिट को ट्रांसपोर्ट करने की क्षमता है।”
निजता से लेकर सुरक्षा तक कई चीजें खतरे के घेरे में (साभार फाइनेंशिअल टाइम्स)

WhatsApp कॉल से आ सकता है वायरस, हो सकता है डाटा डिलीट, सतर्क रहें

WhatsApp के अनुसार खामी को दूर कर दिया गया है। यह खामी इसी महीने उनके संज्ञान में आई थी, और सोमवार को जारी ऍप अपडेट में इसे दूर कर दिया गया है।
भारत अंतरिक्ष में भी स्वनिर्भर होने के लिए कर रहा है तैयार

गगनयान-2022 में भारतीय वायुसेना के अफसर अंतरिक्षयात्री बनकर जाएँगे

रूसी मिशन के साथ अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम भारतीय विंग कमांडर (सेवानिवृत) राकेश शर्मा भी उस समय (1982) में वायुसेना के ही स्क्वाड्रन लीडर थे।
थर्टी मीटर टेलिस्कोप की प्रस्तावित छवि (साभार: विकिपीडिया)

भारत बना रहा है विश्व का सबसे बड़ा टेलिस्कोप, NASA के हबल से 12 गुना अधिक शक्तिशाली

टेलिस्कोप का निर्माण इसी वर्ष प्रारंभ हो जाने की आशा है। साथ ही यह जानकारी भी दी कि भारत न केवल टेलिस्कोप के कंट्रोल सिस्टम और सॉफ्टवेयर बल्कि उपकरणों के विकास में भी महती भूमिका निभाएगा।

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