पुलिस ने गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रत्येक थाने के आगे भारत माता की पूजा करने की भाजपा की योजना में गतिरोध उत्पन्न किया। भाजपा का कहना है कि उन्होंने तय किया था कि 26 जनवरी के दिन वो पार्टी की ओर से शहर के सभी पुलिस थानों के आगे भारत माता की प्रतिमा रखकर पूजा-अर्चना करेंगे। इस संबंध में सभी थानों को चिट्ठी भेजकर...
अरविन्द केजरीवाल ने लोगों को मुफ्त बिजली और पानी देने के बहाने साफ़ पानी, बिजली की निरंतरता, सस्ता इलाज और अच्छी शिक्षा जैसे कई अन्य बुनियादी जरूरतों की ओर ध्यान ही नहीं जाने दिया है। वहीं भाजपा दिल्ली में सरकार बनाने के एक मौके के इन्तजार में है।
"दिल्ली में भाजपा की सरकार बनते ही सरकारी जमीनों पर बने धार्मिक स्थलों को सरकारी जमीन से खाली कराया जाएगा। दिल्ली में 54 से ज़्यादा मस्जिद, मदरसे सरकारी जमीन पर बने होने की सूचना है। सूची उपराज्यपाल को भेजकर..."
दिल्ली का असली मालिक जनता को बताते हुए रैप सॉन्ग में 'AAP' पर कॉन्ग्रेस से गठबंधन करने को लेकर भी निशाना साधा गया है। बीजेपी ने इस रैप सॉन्ग का विडियो ट्वीट करते हुए लिखा है- "यह रैप सॉन्ग केजरीवाल के खराब गवर्नेंस को एक्सपोज करता है।"
"कोलकाता की सड़कों पर बुद्धिजीवियों नामक कुछ जीव बाहर आ गए हैं। ये चाटूकार बुद्धिजीवी, जो दूसरे की जेब पर निर्भर करते हैं और उनके पैसों का लाभ उठाते हैं, जब बांग्लादेश में उनके पूर्ववर्तियों को यातनाएँ दी गई थीं, तब वे कहाँ थे?"
ये पहली बार नहीं है जब प्रवेश वर्मा ने इस मुद्दे को सार्वजनिक तौर पर उठाया। इससे पहले वे इस संबंध में 18 जून को दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिख चुके हैं। उस पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि देश की राजधानी में कई मस्जिदों का निर्माण सरकारी जमीन पर अवैध रूप से किया गया है।
"आखिरी फैसला प्रधानमंत्री मोदी और सुशील मोदी ही लेंगे। लेकिन अब भाजपा अकेले चुनाव जीतने में सक्षम है। राज्य में बीजेपी किसी भी अन्य राज्य से और यहाँ के अन्य दलों में से सबसे मजबूत और सक्रिय पार्टी है। सुशील मोदी और नित्यानंद राय CM बन सकते हैं।"
अवॉर्ड वापसी गैंग के मार्गदर्शक मंडल में शामिल मुनव्वर राना को ख़ूब पता है कि दस्तारें बनाने वाले अब पत्थर चलाने लगे हैं। राना अब 'माँ' को छोड़ कर 'मर्दानगी' जाँचने पर उतर आए हैं। उनके अंदर का 'मुसलमान' बिलबिला रहा है। उनका लॉजिक है- मुस्लिम ज़्यादा वफ़ादार हैं क्योंकि उन्हें दफनाया जाता है।
कोटा में एक महीने के भीतर 77 बच्चों की मौत हो गई, जिनमें से एक सप्ताह के भीतर 12 शिशुओं की मौत हुई। पिछले एक साल में 940 से अधिक बच्चों की मौत हुई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मुख्यमंत्री गहलोत से "संवेदनशील" मुद्दे से निपटने का आग्रह किया है।
दुमका से ख़ुद झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन मैदान में थे। पिछले चुनाव में उन्हें भाजपा की डॉक्टर लुइस मरांडी ने पटखनी दे दी थी। जामा से हेमंत की भाभी सीता सोरेन काँटे की टक्कर में पीछे चल रही हैं।