Homeराजनीतिक्या इटली में नया साल मना रहे हैं राहुल गाँधी? कोटा में 940 बच्चों...

क्या इटली में नया साल मना रहे हैं राहुल गाँधी? कोटा में 940 बच्चों की मौत के बाद BJP नेता ने उठाए सवाल

"राहुल गाँधी निश्चित तौर पर इटली में नए साल की तैयारियों में व्यस्त होंगे। अगर उन्हें अन्य राज्यों का दौरा करने का समय मिलता है, तो वो राजस्थान क्यों न जाते और वहाँ की गंभीर स्थिति पर ध्यान नहीं देते?"

भाजपा द्वारा कोटा में शिशुओं की मौत के कारण का निरीक्षण करने के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग कमिटि गठित करने के एक दिन बाद, चार सदस्यीय पैनल ने मंगलवार (31 दिसंबर) को राजस्थान में कोटा ज़िले के एक अस्पताल का दौरा किया और रोगियों के साथ बातचीत की।

इस दौरान कमेटी के सदस्यों में से एक, लॉकेट चटर्जी ने कॉन्ग्रेस की अगुवाई वाली राजस्थान सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर झारखंड विधानसभा चुनावों में झामुमो-कॉन्ग्रेस-राजद गठबंधन की जीत का जश्न मनाने का आरोप लगाया, जब उनके राज्य में शिशु मर रहे थे।

चटर्जी ने राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी के खिलाफ़ रुख़ करते हुए कहा, “राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी कहाँ हैं? सरकारी की निर्दयता के कारण माताओं ने अपने शिशुओं को खो दिया।”

ख़बर के अनुसार, राहुल गाँधी पर तीखा प्रहार करते हुए, पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसद ने ट्वीट किया,

“राहुल गाँधी निश्चित तौर पर इटली में नए साल की तैयारियों में व्यस्त होंगे। अगर उन्हें अन्य राज्यों का दौरा करने का समय मिलता है, तो वो राजस्थान क्यों न जाते और वहाँ की गंभीर स्थिति पर ध्यान नहीं देते?”

ग़ौरतलब है कि कोटा में एक महीने के भीतर 77 बच्चों की मौत हो गई, जिनमें से एक सप्ताह के भीतर 12 शिशुओं की मौत हुई। पिछले एक साल में 940 से अधिक बच्चों की मौत हुई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मुख्यमंत्री गहलोत से “संवेदनशील” मुद्दे से निपटने का आग्रह किया है।

फ़ैक्ट फ़ाइंडिंग के अन्य सदस्य कांता कर्दम (उत्तर प्रदेश), जसकौर मीणा (राजस्थान) और भारती पवार (महाराष्ट्र) हैं, जिन्होंने गहलोत सरकार पर आरोप लगाया है। इस पैनल की स्थापना सोमवार (30 दिसंबर) को भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने की थी, जिसे तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करनी है।

48 घंटों में 10, एक महीने में 77 बच्चों की मौत: राजस्थान के डॉ कह रहे – सब मौतें सामान्य, अस्पताल की लापरवाही नहीं

केवल 900 मरे हैं, 6 साल में यह सबसे कम है: बच्चों की मौत पर अशोक गहलोत ने कहा- यह नई बात नहीं

‘अगस्त में बच्चे मरते ही हैं’ और ‘बच्चों की मौत कोई नई बात नहीं’ के बीच मीडिया की नंगी सच्चाई

मर गए 14 और बच्चे: कोटा के जेके लोन अस्पताल में टूटे हुए हैं ख़िड़की-दरवाजे, घूमते हैं सुअर

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘श्मशान का भी व्यवसाय’… ईशा फाउंडेशन को पटना में एशिया के सबसे बड़े शवदाह गृह के संचालन की जिम्मेदारी मिलने पर हंगामा, जानें- ऑपइंडिया...

पटना के बांसघाट शवदाह गृह को लेकर उठे सवालों के बीच जानिए सरकार ने ईशा फाउंडेशन को जिम्मेदारी क्यों दी और क्या हैं सुविधाएँ।

वेनेजुएला में तबाही के बाद भारत के ‘भूदेव’ की आई याद, हिमालयी क्षेत्रों में तैनात ये सिस्टम बचा सकता है लाखों की जान: समझें...

भूकंप की जानकारी देने के लिए आईआईटी रुड़की ने एक अत्याधुनिक भूकंप अर्ली वॉर्निंग मोबाइल ऐप और सिस्टम ‘भूदेव’ तैयार किया है।
- विज्ञापन -