विषय

मीडिया गिरोह

‘इस महीने का चेक नहीं पहुँचा या पेमेंट रोक दी गई?’: केजरीवाल के 2047 वाले विज्ञापन के बाद ट्रोल हुए ‘क्रांतिकारी पत्रकार’

सोशल मीडिया पर लोग 'क्रांतिकारी पत्रकार' पुण्य प्रसून बाजपेयी को ट्रोल कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल की आलोचना की है।

‘घटिया थे शुरुआती बैच’: कोवैक्सीन पर भ्रामक जानकारी फैला NDTV पत्रकार श्रीनिवासन ने डिलीट मारा ट्वीट, माँगी माफी

श्रीनिवासन का ट्वीट ट्विटर प्लेटफॉर्म पर काफी देर रहा, लेकिन सोशल मीडिया साइट ने इस पर भ्रामक का टैग नहीं लगाया और न ही कोई कार्रवाई की।

ममता से मिले राजदीप तो आया मौसम रसगुल्ला का, राजनीति में अब लड्डू का हाल भी राहुल गाँधी जैसा

राजदीप सरदेसाई ने रसगुल्ले को राजनीति और पत्रकारिता के मध्य में रख दिया है। राजनीति इसे खिलाकर कठिन सवालों को रोकेगी और पत्रकारिता इसे खाकर।

पेगासस: ‘खोजी’ पत्रकारिता का भ्रमजाल, जबरन बयानबाजी और ‘टाइमिंग’- देश के खिलाफ हर मसाले का प्रयोग

दुनिया भर में कुल जमा 23 स्मार्टफोन में 'संभावित निगरानी' को लेकर ऐसा बड़ा हल्ला मचा दिया गया है, मानो 50 देशों की सरकारें पेगासस के ज़रिए बड़े पैमाने पर अपने नागरिकों की साइबर जासूसी में लगी हों।

मस्जिद में छिपे दानिश सिद्दीकी को घेरा, घसीटा… भारतीय पहचान के बाद तालिबानियों ने बर्बरता से मारा: रिपोर्ट्स

न्यूज चैनलों में जो दानिश की मृत्यु को लेकर खबरें चली हैं वह केवल उस बर्बरता को छिपाने का प्रयास है जो तालिबानियों ने की।

कीचड़ मलती ‘गोरी’ पत्रकार या श्मशानों से लाइव रिपोर्टिंग… समाज/मदद के नाम पर शुद्ध धंधा है पत्रकारिता

श्मशानों से लाइव रिपोर्टिंग और जलती चिताओं की तस्वीरें छापकर यह बताने की कोशिश की जाती है कि स्थिति काफी खराब है और सरकार नाकाम है।

जिस भास्कर में स्टाफ मर्जी से ‘सूसू-पॉटी’ नहीं कर सकते, वहाँ ‘पाठकों की मर्जी’ कॉर्पोरेट शब्दों की चाशनी है बस

"भास्कर में चलेगी पाठकों की मर्जी" - इस वाक्य में ईमानदारी नहीं है। पाठक निरीह है, शब्दों का अफीम देकर उसे मानसिक तौर पर निर्जीव मत बनाइए।

‘1992 में 100 करोड़ भी नहीं, 2021 आते-आते हजारों करोड़ कैसे? किसी से छिपा नहीं है’: दैनिक भास्कर के पूर्व पत्रकार

"कोई मीडिया हाउस, जो 1992 में 100 करोड़ का भी नहीं था, वह 2021आते-आते हजारों करोड़ का कैसे हो गया, यह किसी से छिपा नहीं है।"

वाह रे दैनिक भास्कर! तुम्हारा काम ‘पत्रकारिता’, इनकम टैक्स का काम ‘बदला’

टैक्स चोरी के आरोपों में कार्रवाई का सामना कर रहा दैनिक भास्कर इस तरह का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा जैसे उसे कथित निर्भीक पत्रकारिता का 'दंड' दिया जा रहा है।

जिस लिस्ट पर हुआ अब तक हल्ला, उसका पेगासस से कोई लेना-देना नहीं: NSO ग्रुप ने द वायर को दी मानहानि की धमकी

NSO ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा कि रिपोर्ट्स में निकाली जा रही लिस्ट न NSO की है और न कभी थी। ये केवल मनगढ़ंत जानकारी है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें