विषय: राम

रमेश सोलंकी, शिवसेना

‘जो श्री राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं’ – बाला साहेब के सैनिक ने उद्धव की सेना से दिया इस्तीफ़ा

"मैंने 21 साल तक बिना पद, प्रतिष्ठा या टिकट की माँग के रात-दिन पार्टी के लिए काम किया। लेकिन जब शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एनसीपी और कॉन्ग्रेस से हाथ मिला लिया है तो... ज़मीर इजाजत नहीं दे रहा है। आधे-अधूरे मन से कोई काम नहीं करना चाहता, इसलिए इस्तीफ़ा दे रहा हूँ।"
राम, अयोध्या

हिन्दू धर्मांतरण क्यों नहीं करते? कलमा क्यों नहीं पढ़ लेते? क्योंकि वो काल को जीतने वाले राम के उपासक हैं

अपने अंतर्मन में हर हिन्दू यह बात जानता था कि श्री राम व राम का नाम हिन्दू धर्म की आत्मा है। राम गए तो हिन्दू धर्म नहीं बचेगा। वह आस्था, वह श्रद्धा जो हमारे रक्त और हमारी हड्डियों में समाई हुई है। राम का ‘तत्व’ ही वह शाश्वत धारा है जिसने हिन्दू समाज को विषम-से-विषम परिस्थिति में भी स्पंदित व जीवित रखा है, तथा सदैव रखेगी।
योगी आदित्यनाथ लेंगे श्री राम की प्रतिमा के बारे में सभी निर्णय

राम मंदिर पर फैसले से पहले CM योगी ने राम के नाम आवंटित किए ₹447 करोड़: पहले भी जारी हुए हैं ₹200 करोड़

यह प्रतिमा योगी सरकार के राम नगरी अयोध्या प्रोजेक्ट का हिस्सा है और इसे सरयू नदी के तट पर स्थापित किया जाएगा।
प्रकाश राज, FIR दर्ज

रामलीला ‘बच्चों की ब्लू फिल्म’, खतरनाक और मुस्लिमों को डराने वाली: प्रकाश राज, Video वायरल

जब उनसे पूछा गया कि वे कैसे क्या भारतीय संस्कृति है और क्या नहीं इसका सर्टिफिकेट बाँट रहे हैं, प्रकाश राज ने कहा कि उन्हें यह बात स्पष्ट है कि क्या संस्कृति है और क्या नहीं। "राम, लक्ष्मण और सीता को हेलीकॉप्टर से लाना और नीचे उतारना मेरी संस्कृति नहीं है।"
राम मंदिर का एक मॉडल

राम मंदिर की जगह स्कूल-अस्पताल बनवाने की बात करने वाले बुद्धिमानों के नाम कुछ बातें

जिस धर्म के हजारों बड़े मंदिर तोड़ दिए गए, उनकी आस्था पर सिर्फ इस मकसद से हमला किया गया कि ये टूट जाएँ और यह विश्वास करने लगें कि उनका भगवान भी स्वयं के घर की रक्षा नहीं कर पा रहा, उस धर्म के लोग जब अपनी आस्था को पहचानने को खड़े हुए हैं तो उन्हें स्कूल और हॉस्पिटल की याद दिलाई जा रही है?
रावण, रम्भा, रामायण

जब रावण ने पत्थर पर लिटा कर अपनी बहू का ही बलात्कार किया… वो श्राप जो हमेशा उसके साथ रहा

जानिए वाल्मीकि रामायण की उस कहानी के बारे में, जो 'रावण ने सीता को छुआ तक नहीं' वाले नैरेटिव को ध्वस्त करती है। रावण विद्वान था, संगीत का ज्ञानी था और शिवभक्त था। लेकिन, उसने स्त्रियों को कभी सम्मान नहीं दिया और उन्हें उपभोग की वस्तु समझा।
श्रीराम, इंडोनेशिया

‘श्रीराम हमारे पूर्वज और इस्लाम पूजा-पद्धति, मज़हब बदला जा सकता है पर पूर्वज नहीं’

योगी ने विपक्षियों पर तंज कसते हुए कहा कि हमारे देश में राम का नाम लेते ही कुछ लोगों को हाई-वोल्टेज करंट लगता है। उन्होंने कहा कि भारत तभी तक बना रहेगा और मानव कल्याण का मार्ग यहाँ से गुजरता रहेगा, जब तक यह देश मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम से ख़ुद को जोड़ कर उनसे प्रेरणा लेता रहेगा।
सोनाक्षी सिन्हा, रामायण

रामायण ‘मर्चेंट ऑफ वेनिस’ नहीं है सोनाक्षी, यह हमारी सांस्कृतिक विरासत है, हमारा इतिहास है

सोनाक्षी सिन्हा के घर का नाम 'रामायण' है। उनके पिता व भाइयों के नाम रामायण के किरदारों के नाम पर हैं। 'युवाओं के रोल मॉडल' का अवॉर्ड लेने वाले इन सेलेब्स को रामायण का बेसिक ज्ञान भी नहीं? क्या रामलीला, रामकथा और सुंदरकांड से युवा दूर हो रहे हैं?
अमित शाह

‘स्त्री की मर्यादा कैसे रखी जाती है, रामायण में वर्णन हैं, स्त्री की मर्यादा के लिए युद्ध उचित है तो होना चाहिए’

"रामायण में कई ऐसे काव्य हैं जो ज्ञान-विज्ञान, सुशासन सबका वर्णन करते हैं। स्त्री की मर्यादा कैसे रखी जाती है उसका रामायण में वर्णन है। स्त्री की मर्यादा के लिए युद्ध उचित है तो होना चाहिए।"
राम मंदिर

हम सब राम के वंशज: प्रमाण देने 2 हज़ार रघुवंशियों ने किया अयोध्या के लिए कूच

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद की सुनवाई के दौरान पूछा था कि क्या श्री राम के कोई वंशज अभी भी हैं। इसके बाद भाजपा नेत्री राजकुमारी दीया कुमारी, राजस्थान कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता सत्येंद्र सिंह राघव और मेवाड़ राजघराने के अरविंद सिंह मेवाड़ ने खुद को भगवान राम का वंशज बताया था।
श्री राम को सुप्रीम कोर्ट से न्याय की आस (साभार: इंडियन एक्सप्रेस)

राम के अयोध्या में जन्म की बात पर जज ने पूछा- किसी कोर्ट में जीसस के जन्म पर बात हुई है?

रामायण में कम-से-कम तीन बार यह ज़िक्र है कि भगवान श्री राम अयोध्या में पैदा हुए थे। इसपर जस्टिस बोबडे ने पूछा कि क्या जीसस क्राइस्ट बेथलेहम में पैदा हुए थे, ऐसा या इससे मिलता-जुलता कोई सवाल कभी कोर्ट में आया है क्या। तो परासरण ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है, वह इसे देखेंगे।
राम के कपड़े चाहे ऐसे रहे हों या न रहे हों, वह प्रचण्ड ऐसे ही रहे होंगे (साभार: Molee Art)

पवन वर्मा जी, टीवी सीरियल से धर्म सीखने वाले आपकी तरह मूर्खतापूर्ण बातें ही करते हैं

पवन वर्मा जैसे पढ़े-लिखों ने राम को 'कैलेंडर-आर्ट' में तब्दील किया, और फिर टीवी पर डालडा की तरह नीरस किरदार के रूप में विकृत छवि का जमकर प्रचार किया।

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