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आगे-आगे रामलला, पीछे-पीछे वंदन करते ऋषि-मुनि: 75वाँ गणतंत्र दिवस कई मायनों में खास, परेड की शुरुआत शंख ध्वनि एवं नगाड़ों से

पूरे देश में 75वें गणतंत्र दिवस की धूम है। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर हुए गणतंत्र दिवस की परेड इस बार कई मायनों में खास है। एक तरफ अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई तो दूसरी तरफ गणतंत्र दिवस की झाँकी में भगवान रामलला सबसे आगे दिखे। पहली बार परेड की शुरुआत मिलिट्री बैंड की बजाय शंख और नगाड़े की ध्वनि से हुई।

पूरे देश में 75वें गणतंत्र दिवस की धूम है। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर हुए गणतंत्र दिवस की परेड इस बार कई मायनों में खास है। एक तरफ अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई तो दूसरी तरफ गणतंत्र दिवस की झाँकी में भगवान रामलला सबसे आगे दिखे। पहली बार परेड की शुरुआत मिलिट्री बैंड की बजाय शंख और नगाड़े की ध्वनि से हुई। वहीं, विभिन्न राज्यों की अलग-अलग झाँकी में भारत की संस्कृति की झलक मिली।

इस बार के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों हैं। कर्तव्य पथ पर कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुँचकर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस बार गणतंत्र दिवस की थीम ‘विकसित भारत’ और ‘भारत-लोकतंत्र की मातृका’ है। परेड में 13,000 से अधिक विशेष अतिथि भाग ले रहे हैं।

इस बार उत्तर प्रदेश की झाँकी विशेष और आकर्षण का केंद्र रही। इस झाँकी की थीम अयोध्या एवं राम मंदिर है। झाँकी में भगवान राम के बाल स्वरूप रामलला को सबसे आगे दिखाया गया है। वहीं, ऋषि-मुनि उनके पीछे उनका वंदन करते दिख रहे हैं। झाँकी के चारों ओर दीपोत्सव को चित्रित किया गया है, जो कि भगवान राम के अयोध्या आगमन पर लोगों में खुशी को प्रदर्शित करता है।

परेड में भारत के चुनाव आयोग की झाँकी भी शामिल रही। इसमें लोगों को वोट देने के लिए संदेश दिया गया है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की झाँकी सेंट्रल विस्ट्रा की थीम पर आधारित है। इस झाँकी में संसद को प्रदर्शित किया गया है। वहीं, संस्कृति मंत्रालय की झाँकी में बौद्ध एवं जैन संतों के संवाद को थीम बनाया गया है।

परेड के दौरान सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश की झाँकी निकली। यह झाँकी विकसित भारत पर केंद्रित है। इसके बाद हरियाणा और फिर मणिपुर की झाँकी निकली। मणिपुर के बाद आत्मनिर्भर भारत पर आधारित मध्य प्रदेश की झाँकी निकली। इसके बाद ओडिशा, छत्तीगढ़ और राजस्थान की झाँकियाँ दिखाई दीं। राजस्थान की झाँकी में उत्सवधर्मी संस्कृति और महिला हस्तशिल्प उद्योगों के विकास को प्रदर्शित किया गया है।

झारखंड की झाँकी में तसर रेशम के उत्पादन में आदिवासी महिलाओं को दिखाया गया है। गुजरात की झाँकी में पर्यटन विकास को दर्शाया गया है। लद्दाख की झाँकी ‘विकसित भारत: लद्दाख की यात्रा में रोजगार के माध्यम से महिलाओं सशक्तिकरण’ पर आधारित है। झाँकी में लड़कियों को बर्फ के बीच आइस हॉकी खेलते हुए दिखाया गया है।

राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ ही कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह का समापन हो गया। इससे पहले सशस्त्र बलों के जवानों ने अपने-अपने करतब दिखाए। फ्लाई पास्ट की अंतिम फॉर्मेशन राफेल विमान के साथ संपन्न हुआ। इसके बाद सशस्त्र सेनाओं के सुप्रीम कमांडर एवं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन की ओर प्रस्थान कर गईं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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