चीन राफेल लड़ाकू विमानों के खिलाफ दुनिया भर में दुष्प्रचार कर रहा है, वहीं भारत में भी कॉन्ग्रेस पार्टी और वामपंथी मीडिया पहले ही इंडो-फ्रेंच राफेल सौदे को बदनाम करने की कोशिश कर चुके हैं।
राहुल की पोस्ट के बाद उनकी जमकर आलोचना हो रही है। कुछ यूजर्स ने तो उनके पोस्ट में आँकड़ों के स्क्रीशॉट भी लगा दिए और बताया कि उनका डेटा बिल्कुल अलग है।
राहुल गाँधी दशरथ माँझी मेमोरियल पहुँचे। वहाँ माउंटेन मैन की मूर्ति पर माला चढ़ाई। लेकिन जिस तरह से उन्होंने ये किया, वो देखकर किसी का भी मन खट्टा हो जाए।