भारतीय विदेश मंत्री द्वारा चीन को कड़ा संदेश देते हुए कहा गया कि गलवान घाटी में जो हुआ वह चीन द्वारा पूर्व नियोजित कार्रवाई थी, जो इसके बाद की अन्य घटनाओं के लिए जिम्मेदार था।
अब तक पूरे देश में कोरोना वायरस से जुड़े 73 मामले सामने आ चुके हैं। उधर लोकसभा में सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि वह कोरोना वायरस के कारण विदेशों में फँसे भारतीयों को किसी भी कीमत पर भारत लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
"मैं आज इस बात को बहुत विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि अगर आप किसी भारतीय दूतावास में जाते हैं, तो वहाँ आपका स्वागत ऐसा होगा जिससे कि आप प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि हम अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए मुकाम पर ले जाना चाहते हैं जो पहले नहीं था।"
रवीश कुमार ने कहा कि चीन को वैश्विक आम सहमति के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और भविष्य में इस तरह की कार्रवाई से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक आम सहमति है कि कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है।
हालात का जायजा लेने के बाद विदेशी राजनयिकों ने कहा कि स्थानीय लोगों ने रक्तपात के पाकिस्तानी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। हिंसा के लिए पाकिस्तान को ही कसूरवार ठहराते हुए स्थानीय लोगों ने उस पर दबाव बनाने को कहा है।
"देश का इकलौता प्रतीक चिह्न अशोक स्तम्भ ही नहीं है। मंत्रालय की नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस विषय को सम्बोधित करते हुए कहा, "यह प्रतीक हमारा राष्ट्रीय फूल है और फर्जी पासपोर्ट को पहचानने के लिए सिक्यॉरिटी फीचर मजबूत करने का एक कदम है।"