Thursday, September 16, 2021

विषय

शेखर गुप्ता

हुई गवा? करवा ली बेइज्जती? ‘दी प्रिंट’ ने पहले थूका, फिर पकड़े जाने पर चाटा

'द प्रिंट' ने 'लव जिहाद' के बारे में 'एक अभियान चलाने' के लिए भी स्वाति गोयल को निशाना बनाया और कहा कि उन्होंने 'लव' में 'जिहाद' देखा।

एक लेख में 8 बार बु* शब्द का प्रयोग बताता है कि ‘दि प्रिंट’ का दिमाग कहाँ घुसा हुआ है

ऐसे लेखों का औचित्य क्या है? इससे किसका भला हो रहा है? क्या इसका औचित्य भोजपुरी बोलने वालों को नीचा दिखाना नहीं है।

शेखर गुप्ता ने आनंद रंगनाथन, संजीव सान्याल और संजय दीक्षित पर ब्लूम्सबरी को धमकाने का झूठा आरोप लगाया

शेखर गुप्ता ने आरोप लगाया कि ब्लूम्सबरी ने संजीव सान्याल, आनंद रंगनाथन और संजय दीक्षित जैसे लेखकों की धमकी के बाद दिल्ली दंगों पर किताब का प्रकाशन वापस लिया।

शेखर गुप्ता के ‘दी प्रिंट’ ने फैलाया झूठ, स्वास्थ्य मंत्रालय ने सही करते हुए कहा: सत्य से बहुत दूर है यह खबर

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शेखर गुप्ता की वेबसाइट 'दी प्रिंट' द्वारा प्रकाशित एक फर्जी, मनगढ़ंत रिपोर्ट को फेक और खुराफात से भरा हुआ बताते हुए कहा है कि यह रिपोर्ट सत्य से बहुत दूर है।

राम मंदिर आंदोलन: हिंदू विरोधी कवरेज पर गुजरातियों ने 4 हफ्ते में बताई थी इंडिया टुडे को औकात, शेखर गुप्ता थे संपादक

इंडिया टुडे के गुजराती संस्करण के साथ जब यह सब हुआ तब उसके संपादक शेखर गुप्ता हुआ करते थे। शायद इसी कारण से आज राम मंदिर के भूमि पूजन के समय वह इस दिन को दोबारा याद कर रहें।

‘मोदी की योजनाओं को पत्रकारों ने अनदेखा किया’: क्या शेखर गुप्ता के कबूलनामे वाला वीडियो CPR ने हटाया

शेखर गुप्ता ने जिस वीडियो में मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की अनदेखी की बात कही थी, उसे CPR India ने शायद हटा दिया है।

शेखर गुप्ता के ‘द प्रिंट’ ने बताए गुर, मोदी विरोधियों ने किया अमल: हाल के 5 मामले जब फेक न्यूज को दी गई हवा

शेखर गुप्ता के 'द प्रिंट' ने फेक न्यूज को लेकर विपक्ष को सलाह दी। उन्होंने इस पर अमल करने में देर नहीं लगाई। ऐसी ही पॉंच घटनाओं पर एक नजर।

मोदी सरकार के खिलाफ फेक न्यूज फैलाने की सलाह देने पर केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने लगाई शेखर ‘कूप्ता’ को लताड़, कहा- बिका हुआ

सत्तारुढ़ भाजपा के खिलाफ कॉन्ग्रेस के इकोसिस्टम द्वारा फेक न्यूज फैलाए जाने के प्रपंच को सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने आड़े हाथों लिया। उन्होंने मोदी सरकार के खिलाफ फर्जी न्यूज फैलाने को बढ़ावा दिए जाने को लेकर प्रकाशित लेख पर एडिटर्स गिल्ट ऑफ इंडिया के प्रमुख शेखर गुप्ता को लताड़ लगाई।

शेखर ‘कूप्ता’ के ‘द प्रिंट’ का नया धमाका: अपने ही हेडलाइन का किया फैक्टचेक, वो भी उसी लेख में!

अतुल्य गंगा नाम की संस्था राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को एक प्रस्ताव भेजती है, जिसमें इस बात की जाँच की माँग की गई कि क्या गंगा जल द्वारा कोरोना वायरस संक्रमितों का इलाज किया जा सकता है?

प्रिय शेखर गुप्ता! 21वीं सदी के मनमोहन सिंह पता नहीं, लेकिन भारतीय मीडिया के जवाहर तुम ही हो

शेखर गुप्ता जैसे लोग सिर्फ एक ऐसे मौके के इन्तजार में रहते हैं कि कब वो मुस्लिमों के आतंक को ढकने के लिए इसके समानांतर......

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
122,733FollowersFollow
409,000SubscribersSubscribe