रवि ने कहा कि यह कॉन्ग्रेस के सिद्धारमैया थे जिन्होंने एक मुस्लिम मौलवी को धर्मस्थल के पुजारी के रूप में स्थापित करने के लिए झूठ का ऐसा जाल बुना था, जो कई सदियों पहले के इतिहास और परंपरा के साथ खिलवाड़ है।
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक फैसले में हिंदू महिला से मुस्लिम पुरुष की दूसरी शादी को वैध नहीं माना है। अदालत ने कहा कि विशेष विवाह अधिनियम की धारा चार इस तरह की शादी को सुरक्षा प्रदान नहीं करती।
कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए निर्देश दिया कि पता लगाया जाए कि आखिर वो कौन से अधिकारी हैं जिन्होंने वक्फ भवन को बनाने के लिए निर्देश दिए और जनता के पैसे बर्बाद करवाए।