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पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध को खारिज करने के SC के फैसले से नाराज रोशनी अली, कहा- कलकत्ता HC में फिर से करूँगी अपील

एक वीडियो जारी करते हुए अली ने कहा, "नमस्ते, जैसा कि आप देख सकते हैं कि मैं कलकत्ता हाईकोर्ट में हूँ। लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। मैं एक अपील करने जा रही हूँ और अभी भी अपने साँस लेने के अधिकार के लिए लड़ूँगी।"

ट्रैवलर सह फिल्म निर्मात्री रोशनी अली ने मंगलवार (2 नवंबर 2021) को कहा कि वह फिर से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में अपील करने वाली है। बता दें कि रोशनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार (29 अक्टूबर, 2021) को दीवाली/काली पूजा के दौरान पूरे पश्चिम बंगाल में सभी प्रकार के पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। हालाँकि, सोमवार (1 नवंबर 2021) को सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के इस फैसले को रद्द कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी करते हुए अली ने कहा, “नमस्ते, जैसा कि आप देख सकते हैं कि मैं कलकत्ता हाईकोर्ट में हूँ। लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। मैं एक अपील करने जा रही हूँ और अभी भी अपने साँस लेने के अधिकार के लिए लड़ूँगी। यह सिर्फ पर्यावरण को लेकर नहीं है, बल्कि यह हमारे व्यक्तिगत स्वास्थ्य को लेकर है जो इस तरह के फैसले से दाँव पर लगा है। यह सिर्फ कलकत्ता नहीं, बल्कि पूरा देश देख रहा है।”

ज़ी बांग्ला की एक रिपोर्ट के अनुसार, रोशनी अली ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, G24 ऑवर के साथ एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि उसे “एलर्जी” है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने दिवाली से तीन दिन पहले 1 नवंबर को ऐसा कहा था।

सोमवार को पटाखा निर्माताओं द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को किनारे रख दिया, जिसमें पश्चिम बंगाल में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध की बात कही गई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि वो इस बात को लेकर सुनिश्चित है कि कलकत्ता उच्च-न्यायालय को इतना बड़ा आदेश सुनाने से पहले सभी पक्षों को बुला कर उनकी बात सुननी चाहिए थी। सुप्रीम कोर्ट ने ‘ग्रीन क्रैकर्स’ की अनुमति दे रखी है, ऐसे में उसका कहना है कि कलकत्ता हाईकोर्ट को पहले प्रशासन को बुला कर इसे सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था है या नहीं – ये पूछना चाहिए था।

बता दें कि गुरुवार (28 अक्टूबर 2021) को एक फेसबुक पोस्ट में, रोशनी अली ने पुष्टि की थी कि उन्होंने दिवाली से पहले पटाखों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका (PIL) दायर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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