विषय: हिन्दूफोबिया

'टाइम' मैग्ज़ीन के मई 20, 2019 का कवर

‘टाइम’ का रेसिस्ट पत्रकार, हिंदू-घृणा जताने में ‘वायर’ के लेख चोरी कर कल्पना परोस रहा है

पूरा लेख रेटरिक यानी गाल बजाने जैसा है जिसमें वही पाँच साल पुरानी बातें हैं जिन्हें लिख कर भारत का छद्म-बुद्धिजीवी गिरोह भी बोर हो चुका है: मोदी नफरत फैलाता है, समाज को बाँट रहा है, सरकार पूर्णतः विफल रही है... ब्ला, ब्ला ब्ला...
वही फोटो जो द वायर ने लगाया- क्योंकि हर यज्ञ हर हिन्दू के लिए पवित्र है, असुरों के विरुद्ध रक्षणीय है

हिन्दूफ़ोबिक द वायर, मंदिर में पूजा-पाठ और यज्ञ-हवन ही होते हैं

सेक्युलर प्रोजेक्ट के तहत सरकारें मंदिरों की मलाई काटने की तो हक़दार हैं पर उनसे उम्मीद यह की जाती है कि वे पूजा-पाठ में सीधा-सीधा विघ्न उत्पन्न करें।
बजरंगबली

The Print वालों, सीधे-सीधे बोलो हिन्दू प्रतीकों से सुलग जाती है (सीने में आग)

मुसलमान तब तक ‘बेचैन’ रहेंगे जब तक धर्म और संस्कृति, हिन्दू पंथ और सम्प्रदाय की हर अभिव्यक्ति बंद नहीं हो जाती। केवल सरकारी ही नहीं, निजी भी। यही हिन्दूफोबिया है। The Print वालों ने इस लेख से प्रोपेगेंडा को नई ऊंचाई दी है।
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर

साध्वी प्रज्ञा को गोमाँस खिलाने वाले, ब्लू फिल्म दिखाने वाले लोग कौन थे?

साध्वी प्रज्ञा को जख्मी फेफड़ों के साथ अस्पताल में 3-4 फ्लोर तक चढ़ाया जाता था। ऑक्सीजन सप्लाई बंद कर दी जाती थी और उन्हें तड़पने के लिए छोड़ दिया जाता था। लगातार 14 दिन की प्रताड़नाओं के बीच साध्वी प्रज्ञा की रीढ़ की हड्डी भी टूट गई थी, इसी बीच उन पर एक और केस फाइल कर दिया गया।

हिन्दूफोबिया टपकता है हसन मिन्हाज के शो से

हसन मिन्हाज जी, आप अपना समय हिन्दूफोबिया फैलाने की बजाय इस्लाम का एकाधिकारवाद मिटाने पर खर्च करें। कॉमेडी मैटर की वहाँ भी कमी नहीं है।
स्वराज्य मैगज़ीन और इंडिया टुडे के स्क्रीनशॉट्स

हिन्दूफोबिक ट्वीट करते पकड़ा गया IFCN-सर्टिफाइड इंडिया टुडे

भारत का हिन्दू उद्गम मानने में समस्या है, असतो मा सद्गमय ‘हिंदुत्व थोपना’ है, पर मुस्लिमों की गलती छुपाने के लिए हिन्दू को Indian बनाने में दिक्कत नहीं है।

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