"आज सारे कॉन्ग्रेसी पूरे देश में सीएए का विरोध कर रहे हैं। केंद्र ने जो किया, गाँधी जी भी ऐसा ही चाहते थे। राहुल बाबा, आप गाँधी जी की भी नहीं सुनोगे। गाँधी जी ने आश्वासन दिया था कि पाक से भगाए गए लोग यहाँ आएँगे तो उन्हें नागरिकता मिलेगी।"
दरअसल सीएए और एनआरसी लागू करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी गई जान से मारने की धमकी के आरोप में अनवर और नियाज को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया।
कॉन्ग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दोनों एक दूसरे की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि नरेंद्र मोदी और इमरान खान एक साथ हैं और यही कारण है कि यह सब हो रहा है।"
कोटा में सौ से अधिक बच्चों की मौत को CAA से जोड़ चुके राजस्थान के सीएम ने एक और विवादित बयान दिया है। सीएए वापस नहीं लेने पर उन्होंने विभाजन की बात कही है। जबकि उनके ही डिप्टी सचिन पायलट कह रहे हैं कि कोटा के मामले में सरकार ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई।
"कन्नन ने न सिर्फ़ पीएम मोदी और अमित शाह के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणी की है, बल्कि उन्होंने पीएम और गृहमंत्री को जान से मारने की धमकी दी। कन्नन कुछ ऐसा करना चाहते हैं, जैसा तमिलनाडु में राजीव गाँधी के साथ हुआ था।"
NPR की शुरुआत मनमोहन सरकार के दौरान हुई। इसमें शामिल होना भारत में रह रहे लोगों के लिए अनिवार्य किया गया। साथ ही इसे NRIC की दिशा में पहला क़दम बताया गया। अमित शाह ने साफ किया है कि दोनों का कोई लेना-देना नहीं है।
जम्मू कश्मीर में भारी संख्या में तैनात सुरक्षाबलों में से अर्धसैनिक बलों की 72 कंपनियों को सरकार ने वापस बुलाने का फैसला लिया है। इनमें सीआरपीएफ की 24, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और एसएसबी की 12-12 कंपनियाँ शामिल हैं।
एनपीआर को लेकर भी लोगों में भ्रम न फैलाया जाए। उसे मद्देनजर रखते हुए ANI को दिए इंटरव्यू में केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने, एनपीआर, एनआरसी, सीएए और डिटेंशन सेंटर जैसे मुद्दों पर खुलकर जवाब दिया।
''अगर जरूरत पड़ी तो हम लोग उन्हें (शाह को) शहर के हवाई अड्डे के बाहर कदम नहीं रखने देंगे। उन्हें रोकने के लिए हम लोग एक लाख लोगों को वहाँ जमा कर सकते हैं।"