किश्तवाड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि मारवा इलाके के रहने वाले गुलाम हुसैन, मोहम्मद यासीन, जाकिर हुसैन, मोहम्मद इकबाल और बशीर अहमद हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को पनाह देने के साथ उनकी मदद करते थे।
अब्दुल शमीम और तौफिक की प्लानिंग सब-इंस्पेक्टर विल्सन की हत्या तक सीमित नहीं थी। इन दोनों ने 26 जनवरी को आत्मघाती हमले की योजना भी बना रखी थी। तमिलनाडु सरकार ने इनके व्यापक इस्लामी मॉड्यूल को देखते हुए केस की जाँच NIA से कराने की सिफारिश की है।
10वीं पास मोइनुद्दीन बेचता था कबाड़। हिंदू लड़की इंदिरा गाँधी को प्रेम जाल में फँसा की थी शादी। लेकिन जिहाद के लिए दे दिया तलाक। फिर जबरन कई दलितों से उसने इस्लाम कबूल करवाया। हिंदू नेता की मौत करवाकर वो तमिलनाडु में ISIS समूह का बन गया था सरगना।
यह प्रश्न कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्वाचन क्षेत्र गुना के सरकारी कॉलेज में एमए राजनीति शास्त्र की 20 दिसंबर को हुई परीक्षा के दौरान पूछा गया था। जिसके प्रकाश में आने के बाद न सिर्फ छात्र संगठन बल्कि भारतीय जनता पार्टी ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करने शुरु कर दिए।
गिरफ्तार दोनों आतंकवादी भाई हैं। आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का प्रमुख अब्दुल सुभान कुरैशी इनका जीजा है। कुरैशी 2018 से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की हिरासत में है।
एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान स्थित लश्कर के मुख्यालय से पैसा दुबई भेजा जाता था। दुबई में बैठा हैंडलर हवाला कारोबार के जरिए यह पैसा भारत में भेजता था। इस पैसे को जावेद और उसके साथी लश्कर के नए एजेंट बनाने के लिए प्रयोग करते थे।
NIA ने यह छापेमारी हिन्दू संगठनों के दो नेताओं की हत्या के मामले में की है। जानकारी के अनुसार दोनों ही नेताओं की हत्या की योजना कथित रूप से इस्लामिक स्टेट- स्टाइल ग्रुप ने रची थी, जिसके बाद NIA ने यह छापेमारी की है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुश्ताक इन पोस्टर्स पर हस्ताक्षर करने के लिए एक और नाम - 'बाबर आज़म' का इस्तेमाल कर रहा है। पंजाब के एक सेब व्यापारी, एक ट्रक ड्राइवर और एक मज़दूर को इन आतंकवादियों ने मार डाला। आतंकवादियों ने कम से कम चार खेतों में आग लगा दी।