Homeदेश-समाजहिन्दू नेताओं के हत्या की साज़िश रचने वालों की तलाश में NIA ने तमिलनाडु...

हिन्दू नेताओं के हत्या की साज़िश रचने वालों की तलाश में NIA ने तमिलनाडु में की ताबड़तोड़ छापेमारी

पिछले साल सितंबर में, कोयंबटूर पुलिस की एक विशेष जाँच इकाई ने तमिलनाडु में एक IS-प्रेरित इस्लामिक समूह के सात सदस्यों द्वारा संपथ, हिन्दू मुन्नानी नेता मुकंबिकई मणि और साक्षी सेनानी अंबु मारी की हत्या की साज़िश रची थी।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार (31 अक्टूबर) को तमिलनाडु में छ: जगहों पर छापेमारी की है। यह छापेमारी जिन छ: जगहों पर की गई है उसमे कोवई के दो ठिकाने, और इलायनगुड़ी, त्रिची, कयालपट्टिनम और नागपट्टिनम के एक-एक ठिकाने शामिल हैं। NIA ने यह छापेमारी हिन्दू संगठनों के दो नेताओं की हत्या के मामले में की है। जानकारी के अनुसार दोनों ही नेताओं की हत्या की योजना कथित रूप से इस्लामिक स्टेट- स्टाइल ग्रुप ने रची थी, जिसके बाद NIA ने यह छापेमारी की है। छापेमारी के दौरान NIA को कई अहम दस्तावेज़ मिले हैं। इनमें लैपटॉप और पेन ड्राइव भी शामिल है।

जाँच एजेंसी के एक सूत्र ने बताया कि NIA इस्लामिक स्टेट से प्रेरित समूहों द्वारा हिन्दू मक्कल काची के नेता अर्जुन संपथ और उनके बेटे ओमकार की हत्या की कथित साज़िश की जाँच कर रही थी। हत्या की साज़िश के बारे में स्थानीय पुलिस ने जुलाई में केंद्रीय जाँच एजेंसी को सतर्क किया था।

पिछले साल सितंबर में, कोयंबटूर पुलिस की एक विशेष जाँच इकाई ने तमिलनाडु में एक IS-प्रेरित इस्लामिक समूह के सात सदस्यों द्वारा संपथ, हिन्दू मुन्नानी नेता मुकंबिकई मणि और साक्षी सेनानी अंबु मारी की हत्या की साज़िश रची थी।

इसके बाद से ही NIA दक्षिण भारत में सक्रिय है और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने वालों की धरपकड़ करने की कोशिश कर रही है। NIA के अनुसार भारत में तमिलनाडु से अधिकतर आतंकी योजनाएँ सामने आई हैं जहाँ आईएस का मॉड्यूल पिछले पाँच वर्षों से काम कर रहा है। NIA का दावा है कि उसने 2014 से अभी तक कुल 127 लोगों को पकड़ा है जोकि आईएस से प्रेरित हैं। जिनमे से 33 लोग तमिलनाडु के हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -