शफी और 5 अन्य लोग मसूद अहमद मट्टू, मोहम्मद मुजफ्फर शाह, गुलाम मोहम्मद, तौसीफ अहमद गंडना और सैयद अहमद का नाम एफआईआर (संख्या: 229/2019) में शामिल है और उन पर हिजबुल मुजाहिदीन के सक्रिय आतंकवादियों को शरण देने और उनकी आवाजाही की व्यवस्था को अंजाम देने का आरोप है।
इनमें से एक इम्तियाज अहमद है, जिसको पाकिस्तान से लगातार निर्देश मिल रहे थे। पाकिस्तान से आशिक मीर नाम का शख्स लगातार इम्तियाज के संपर्क में था और निर्देश दे रहा था। अजित डोभाल के कश्मीर से जाने के एक दिन बाद ही सुरक्षा कर्मियों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक लिस्ट में पहले नंबर पर पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर है। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को नंबर दो पर रखा गया है। तीसरे नंबर पर दाऊद इब्राहिम है।
खलील अहमद और नाजिम खोखर ने बताया कि रावलपिंडी सैन्य मुख्यालय में उनकी मुलाकात पाक सेना के कुछ बड़े अधिकारियों से कराई गई। इसके बाद कश्मीर में हमले के लिए 7 लश्कर आतंकियों का ग्रुप तैयार किया गया। इनमें 3 अफगानी मूल के आतंकी हैं।
"हमारे पास कुछ निजी वाहनों के पंजीकरण नंबर हैं जो अभी भी सड़कों पर चल रहे हैं और हम उनके मालिकों को एक अंतिम चेतावनी जारी कर रहे हैं। कोई भी रास्ता नहीं खोला जाना चाहिए। कोई भी महिला सड़क पर नहीं दिखनी चाहिए। महिलाएँ अपने घर में रहें।"
हाल में बिहार के गया से JMB का कुख्यात आतंकी एजाज़ अहमद गिरफ़्तार किया गया था। उसके पास से भारी मात्रा में जिहादी दस्तावेज़ मिले थे। वह अरसे से गया में वेश और नाम बदलकर रह रहा था। सूत्रों ने बताया की वह बड़े हमले की फ़िराक में था।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अब्दुल क़ादिर कोहली और मंजूर अहमद को त्राल के जंगलों से अगवा किया गया था। सुरक्षा बलों ने दोनों की तलाश शुरू की। इसी दौरान एक शख़्स का शव मिला, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
कुछ अराजक तत्व घाटी में फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने और फ़र्ज़ी ‘क्लैंपडाउन स्टोरीज’ को गढ़ कर डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदेश में हालात सामान्य करने में केंद्र सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, जिसमें वो सफल भी रही है।
आतंकी एजाज़ अहमद पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले के पारुई इलाक़े का निवासी है। उसके बारे में पता चला है कि वो काफ़ी समय से आतंकवादी संगठन JMB के लिए संगठन के आला सरगनाओं के साथ मिलकर काम कर रहा था। उसका मुख्य कार्य इस आतंकी संगठन से युवाओं को जोड़ना था।
वारपोरा इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने शनिवार सुबह घेराबंदी एवं तलाश अभियान शुरू किया। छिपे हुए आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकवादी मारा गया।