जाँच में विदेशी फंडिंग का एंगल भी सामने आया है। एटीएस के अनुसार 2 करोड़ रुपए यूनाइटेड किंगडम से आए जिनका उपयोग मुख्य आरोपित उमर गौतम और मुफ्ती कासिम के द्वारा किया गया।
हेरमैन ने बताया कि हमले के पीछे 'इस्लामी कट्टरपंथ’ से इंकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोपित को 'अल्लाह हू अकबर' चिल्लाते हुए सुना।
जानिए कैसे श्याम प्रताप सिंह बन गया मौलाना मोहम्मद उमर गौतम, जिसने 1000 हिंदुओं को मुस्लिम बनाया। उसका परिवार दिवंगत पूर्व PM वीपी सिंह का रिश्तेदार है। उसका कहना था कि वो 'अल्लाह का काम' कर रहा है।
पेपर में लिखा गया, "...अल्लाह के शरण में जाना मेरे मन को शांत करता है और साथ ही मुझे एक समझ देता है कि चीजों के होने का उद्देश्य क्या था जो मुझे कहीं और से नहीं पता चलता।"
उमर गौतम द्वारा स्थापित इस्लामिक दावा सेंटर में ही गैर मुस्लिमों का धर्मान्तरण कराया जाता था। मोहम्मद उमर अपने चार मंजिला घर को ही ऑफिस बना रखा था, जिसे एटीएस ने सील कर दिया है।
मिला के वकील रिचर्ड मालका ने कहा कि मिला को सोशल मीडिया पर लगभग 100,000 ऐसे घृणास्पद संदेश भेजे गए जिनमें मिला को जान से मारने, उसकी गर्दन काटने, उसके टुकड़े करने और उसे कैद करने के लिए कहा गया।