“प्रधानमंत्री ने अयोध्या के मंदिर निर्माण कार्यक्रम में शामिल होकर संविधान की अवहेलना की है। उस ज़मीन पर बाबरी मस्जिद थी जिसे हिटलर की फ़ौज से मिलते जुलते लोगों ने तोड़ा था। जो लोग इंसाफ में भरोसा रखते हैं वह किसी न किसी दिन उस मंदिर को मस्जिद में तब्दील कर देंगे।”
तुर्की ने कश्मीर के कट्टर अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को सालों आर्थिक मदद की थी। बीते कुछ समय में तुर्की ने अलग तरीकों से भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया है।