"ये कश्मीर का मसला आज का है? ये पिछले 5 अगस्त से शुरू हुआ है? ये तो सात दहाईयों से है। तीस साल से क्या हुआ इस पर? मैं सवाल करता हूँ न! क्या ये मसला कोई नया है?"
कार्यक्रमों के जरिए दर्शकों को अपराध के लिए उकसाने, घृणा को बढ़ावा देने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के कारण पीस टीवी पर कार्रवाई। कार्यक्रमों में जादूगरों की हत्या और लड़कियों की कम उम्र में शादी की पैरोकारी भी की थी।
सलाम सेंटर 'दवाह (Dawah)' के लिए मशहूर है। दवाह मतलब वो इस्लामी प्रथा जिसमें गैर-मुस्लिमों को इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है, उनका ब्रेनवॉश किया जाता है।
"एयर इंडिया सभी हजयात्रियों को अपने साथ 5 लीटर के डब्बे में जमजम का पानी लेकर आने देने को बाध्य है क्योंकि यह हज कमिटी और एयर इंडिया के बीच हुई करार का हिस्सा है।"
मानवधिकारों से जुड़ी संस्था ट्यूनीशिया लीग ने अनुरोध किया है कि यह प्रतिबंध स्थायी न होकर अस्थायी होना चाहिए। लीग के अध्यक्ष जामेल मुसल्लम का कहना है कि हमें इच्छानुसार, पोशाक पहनने की आज़ादी होनी चाहिए।
कत्थक का जन्म सुल्तानों के दौरान हुआ। अरबों ने सोमनाथ मंदिर की रक्षा की। अकबर लिबरल था। खिलजी ने भारत की रक्षा की। 'द वायर' के छद्म बुद्धिजीवी ने ग़लत ऐतिहासिक तथ्य पेश कर के इस्लामिक आक्रांताओं की पूजा करने की सलाह दी है।
मौलवी आदिल का मानना है कि कश्मीर में कथित आज़ादी के लिए चल रहे 'अभियान' से भी ज्यादा ज़रूरी है ज़ायरा वसीम जैसी लड़कियों को बताना कि वे बॉलीवुड में काम करना छोड़ें। मौलवी ने कहा कि ज़ायरा वसीम जैसी लड़कियाँ इस्लाम के लिए शर्म हैं।
रील वाली जायरा ने रियल में न जाने कितनी 'जायरा' को प्रभावित किया होगा, पर अफसोस! जायरा अपने फैसले से कितना आगे गईं, कितना पीछे, पता नहीं, लेकिन जिन्होंने जायरा के संघर्ष में खुद का भविष्य सोचा होगा, वो लड़कियाँ मानसिक तौर पर बहुत पीछे चली गई होंगी, यह पक्का है।