फ्रांसिस जेवियर बच्चों को क्रॉस पहना कर उन्हें ईसाई बनाता था, उन्हें माता-पिता से लड़ने के लिए उकसाता था और मंदिरों को ध्वस्त करवाता था। ब्राह्मणों से वो खार खाए बैठा रहता था, क्योंकि उसका मानना था कि ब्राह्मण नहीं होते तो वो पूरे देश को ईसाई बना देता।
सतानंद महाराज ने साजिश का खुलासा करते हुए बताया, "हनुमान जी की मोम की मूर्ति बनाई जाती है, उन्हें धूप में रख कर पिघला दिया जाता है और बच्चों को कहा जाता है कि जब ये खुद को नहीं बचा सके तो तुम्हें क्या बचाएँगे।""