राकेश टिकैत ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि सरकार कृषि कानूनों को रद्द करे अन्यथा इस बार संघर्ष और भी बड़ा होगा। साथ ही कहा कि किसानों के ट्रैक्टर लाल किले के साथ संसद का रास्ता भी जानते हैं।
सोनीपत के मनौली गाँव में करीब 3 दर्जन गाँवों के निवासियों ने बैठक की जिसमें यह निर्णय लिया गया कि ग्रामीण केएमपी के पास सिंघू बॉर्डर तक आगामी 21 जुलाई को पैदल मार्च निकालेंगे और अपनी माँग रखेंगे।