जापान की एक कंपनी ने वर्क कल्चर बदला। देर रात काम पर रोक लगाई। ओवरटाइम खत्म किया। न केवल कंपनी की प्रोडक्टिविटी बढ़ी, बल्कि कर्मचारियों के बच्चे भी बढ़ गए।
उत्तराखंड से स्थानीय लोगों के पलायन और मैदानी इलाकों से खास समुदाय के लोगों के आकर बसने के कारण राज्य के कई इलाकों में डेमोग्राफी में बड़ा बदलाव आया है।
जनगणना पारंपरिक पेन और पेपर के बजाए मोबाइल फोन एप्लीकेशन के जरिए होगी। अधिसूचना में साफ शब्दों में कहा गया है कि मोबाइल नंबर सिर्फ जनगणना के मकसद से ही पूछा जाएगा। इसके अलावा परिवार के मुखिया का नाम, शौचालय का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, पीने के पानी के स्नोत जैसे सवाल पूछे जाएँगे।
"इस रजिस्टर में आपका नाम ज़रूर होना चाहिए, क्योंकि ये आपके बहुत काम आएगा। एनपीआर के बहुत सारे फायदे हैं। इसके जरिए ही 'यूनिक आइडेंटिटी कार्ड' मिलेगा। ये पहचान पत्र सरकारी योजनाओं में ख़ास कर के काम आएगा।"