उत्तरी तेलंगाना में हुए इस घटना के बाद स्थानीय आदिवासी और दलित सड़क पर हैं। परिजनों का कहना है कि अभी तक किसी नेता ने उनकी सुध नहीं ली है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
केसीआर ने कहा कि वो इस बात से बहुत दुःखी हैं कि ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले लोग हमारे ही समाज में, हमारे ही बीच रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये एक भयंकर और अमानवीय घटना है। उन्होंने कहा कि जैसे वारंगल मामले में सुनवाई जल्द पूरी हुई थी, वैसे ही इस बार भी की जाएगी।
शनिवार को चॉंद पीड़िता से मिलने उसके घर पहुॅंचा। उस वक्त घर में पीड़िता अकेली थी। उसने पीड़िता के साथ जबर्दस्ती करने की कोशिश की। इसी दौरान वह अचेत हो गई और चॉंद उसके घर से भाग खड़ा हुआ।
रात के सवा नौ बजे जब डॉ. प्रीति ने अपनी बहन को फ़ोन किया था, उसी समय आरिफ़ ने उनके पास आकर मदद की पेशकश की थी। टोल प्लाजा पर स्कूटी खड़ी करते देख ही वह अपने साथियों के साथ रेप और मर्डर का प्लान बना चुका था।
रंगा रेड्डी जिला बार काउंसिल इकलौती संस्था नहीं है, जिसने आरोपितों की सहायता से इनकार किया है। महबूबनगर बार काउंसिल ने भी आरोपितों को न्यायिक सेवाएँ देने से इनकार कर दिया था।
बहावलपुर के रेगिस्तानी इलाके में पकड़े गए दो भारतीय। एक हैदराबाद का सॉफ्टेवयर इंजीनियर तो दूसरा मध्य प्रदेश का किसान। किसान ने बताया कि बॉर्डर देखने की इच्छा थी, गलती से सीमा पार कर गया।
तेलंगाना के गृह मंत्री का कहना है कि महिलाओं पर लगाए गए आरोपों से हैदराबाद ही नहीं दिल्ली के लोग भी दुखी हैं। इसे देखते हुए मामले की जॉंच के आदेश दिए गए हैं। उनकी माने तो जिस फैसले से उलेमा सहमत हैं, उसका महिलाएँ विरोध ही नहीं कर सकतीं।
पुलिस ने बताया कि रजिया खातून और उसके पति सिराजुद्दीन दोनों पश्चिम बंगाल के मूल निवासी हैं। पूछताछ के दौरान रजिया ने कबूल किया कि वो अपने तृपति सिराजुद्दीन के साथ हैदराबाद में देह व्यापार का धंधा करने के लिए आई थीं। वो लोग पिछले 6 महीने से चोरी-छिपे रैकेट चला रहे थे।
डॉ जगन के हैदराबाद के तरनाका स्थित निवास पर ली गई तलाशी के दौरान भड़काऊ सामग्री, माओवादी पार्टी के लेटरहेड और प्रतिबंधित साहित्य बरमाद हुई। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।