ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर बॉयो से कभी BJP लिखा ही नहीं। लेकिन, मेनस्ट्रीम मीडिया ने झूठी खबर के बहाने बीजेपी से मनमुटाव का प्रोपेगेंडा रच दिया।
जब भाजपा की राष्ट्रपति शासन के माँग के पक्ष में अधिकतर वोट दिया गया तो तुरंत ही लोकसत्ता ने ट्वीट को डिलीट कर दिया। 24 घंटे तक चलने वाला पोल महज 5 घंटों में ही डिलीट कर दिया गया।
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और भाजपा नेता नारायण राणे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की माँग की।
"अपनी इस बात का प्रमाण दो या फिर वैधानिक कार्यवाही के लिए तैयार रहो गौरव पांधी। एक स्त्री के 48 वर्षों के परिश्रम को दुर्भावना से देखने वाले, तुम्हारी घिनौनी राजनीति के तरकश में तीर कम पड़ गए तो इस नीचता पर उतर आए?"