Friday, July 23, 2021
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उद्धव ठाकरे ने दी 6 लग्जरी कारों की खरीद को मंजूरी, मंत्री ने कहा- सरकारी कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए लेना पड़ेगा उधार

ऐसे संवेदनशील समय में नए वाहनों की खरीद को मंजूरी देने के फैसले के दो दिन पहले ही राहत और पुनर्वास के कैबिनेट मंत्री विजय वाडेत्तीवार ने दावा किया था कि ''राज्य को सरकारी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने के लिए अगस्त में उधार लेना पड़ सकता है।"

महाराष्ट्र इस वक़्त कोरोना वायरस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। वहीं ऐसे गंभीर हालातों में भी राज्य में महा विकास अगाड़ी सरकार ने अपने मंत्रियों के लिए 6 नए लक्जरी वाहनों की खरीद की इजाजत दे दी है।

उद्धव ठाकरे सरकार ने यह मंजूरी ऐसे समय में दी है, जब राज्य कोरोना वायरस महामारी के चलते हुए लॉकडाउन की वजह से आर्थिक संकट से जूझ रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने जिन लग्जरी कारों की खरीद को मंजूरी दी है उनमें 5 पदाधिकारियों और 1 महाराष्ट्र स्कूल शिक्षा और खेल विभाग के स्टाफ के लिए सुनिश्चित की गई है।

सरकार का कहना है कि स्कूली शिक्षा और खेल विभाग को सरकारी काम करने के लिए वाहनों की आवश्यकता होती है। जिसको देखते हुए महाराष्ट्र राज्य सरकार ने 6 वाहनों को खरीद के लिए अधिकृत किया है, जिसमें खेल विभाग के स्टाफ के लिए भी 1 कार शामिल है।

महाविकास अगाड़ी सरकार ने लोअर परेल मुंबई, मधुबन मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड से 22,83,086 रुपए की इनोवा क्रिस्टा 2.4 ZX (7 सीट) की खरीद के लिए अपनी मंजूरी दी है । जहाँ यह बात ध्यान देने लायक है की सरकार ने खरीद की सीमा 20 लाख रुपए रखीं थी। जोकि निर्धारित राशि से ज्यादा है। इसलिए नई गाड़ी के लिए वित्त विभाग की राज्य स्तरीय वाहन समीक्षा समिति और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विशेष रूप से इसकी मंजूरी दी है।

देश में इस वक्त कोरोना वायरस के कुल 6,48,000 मामलों सामने आएँ हैं। जिसमें अकेले महाराष्ट्र में लगभग 1,92,990 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं इस महामारी के घटने के कोई आसार नज़र नहीं आ रहें है।

ऐसे संवेदनशील समय में नए वाहनों की खरीद को मंजूरी देने के फैसले के दो दिन पहले ही राहत और पुनर्वास के कैबिनेट मंत्री विजय वाडेत्तीवार ने दावा किया था कि ”राज्य को सरकारी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने के लिए अगस्त में उधार लेना पड़ सकता है।” उन्होंने यह भी कहा था, ”राज्य की स्थिति ऐसी है कि उसे अगले महीने सरकारी अधिकारियों की सैलरी देने के लिए ऋण लेगा होगा।”

इसके बाद भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और वित्त विभाग द्वारा, सामने बढ़ती महामारी को देखने के बावजूद, राज्य में आर्थिक स्थिति का पूरी तरह से संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। ऐसे गंभीर हालत में भी सरकार 6 लक्जरी वाहनों की खरीद का अनावश्यक प्रावधान पारित कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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