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सांसद साक्षी महाराज को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले मोहम्मद गफ्फार को ATS ने बिजनौर से दबोचा

गफ्फार के इस कृत्य को आईपीसी एवं आईटी एक्ट की धारा के तहत दंडनीय अपराध मानते हुए एटीएस ने अपने लखनऊ थाने में मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा आईपीसी की धारा 504 व 507 तथा आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत दर्ज किया गया है।

उत्तर प्रदेश के उन्नाव से भाजपा सांसद सच्चिदानंद हरि साक्षी उर्फ साक्षी महाराज को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित युवक की पहचान मोहम्मद गफ्फार के रुप में हुई है। प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने गफ्फार नामक इस युवक को बिजनौर से पकड़ा। गफ्फार मूलरूप से बिजनौर के मंडावली इलाके का निवासी है।

ATS की पूछताछ के दौरान आरोपित गफ्फार ने कबूल किया कि कुवैत में रहने के दौरान उसने कॉल करके धमकी दी थी। गफ्फार ने यह भी कबूल किया है कि उसने कुवैत से भारतीय जनता पार्टी के कई अन्य नेताओं को फोन कर धमकी दी थी। उसने बताया कि कुवैत में किसी ने उसे कॉल करने और भाजपा नेताओं को धमकी देने के लिए कहा था।

एटीएस सूत्रों ने पुष्टि की है कि साक्षी महाराज के अलावा उसने कई अन्य भाजपा नेताओं को भी फोन किया था। मगर अभियुक्त के कुवैत में होने के कारण उसको ट्रैक करना एक मुश्किल काम था। हाल ही में उन्हें सूचना मिली कि वह भारत लौट आया है और बिजनौर में है। जिसके बाद वहाँ पर टीमें भेजी गई और उसे दबोच लिया गया। यूपी पुलिस फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह अकेले इस काम को अंजाम दे रहा था या फिर भाजपा नेताओं को धमकी देने वाले इस वारदात के पीछे कोई रैकेट है।

गफ्फार के इस कृत्य को आईपीसी एवं आईटी एक्ट की धारा के तहत दंडनीय अपराध मानते हुए एटीएस ने अपने लखनऊ थाने में मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा आईपीसी की धारा 504 व 507 तथा आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत दर्ज किया गया है।

एटीएस ने गफ्फार के कब्जे से पासपोर्ट के अलावा एक मोबाइल, एक आधार कार्ड और कुवैत की एक सिविल आईडी बरामद किया है। गफ्फार को न्यायालय में पेश करके आगे की कार्रवाई की जा रही है।

बता दें कि बीते दिनों साक्षी महाराज को मोबाइल फोन पर जान से मारने की धमकी मिली थी। सांसद के निजी सचिव अशोक कटियार ने पुलिस को इस मामले की तहरीर दी थी। जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जाँच पड़ताल शुरू कर दी थी।

2013 में भी इन्‍हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। साथ ही 2015 में किसी बात पर टिप्‍पणी को लेकर जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसके अलावा इन्‍हें बम से उड़ाने की भी धमकी दी जा चुकी है। इस संबंध में इन्‍होंने कहा था एक बार स्‍पष्‍ट कहा था कि इस राज्‍य में मैं असुरक्षित महसूस कर रहा हूँ। बुधवार (जून 17, 2020) को आरोपित को पकड़ने में सफलता मिली।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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