22 दिसंबर को रैली के दौरान बीजेपी और आरएसएस समर्थकों को निशाना बनाया गया। केरल में एसडीपीआई भाजपा नेता एके नजीर पर भी हमला कर चुका है। इस चरमपंथी संगठन ने नागरिकता कानून का समर्थन करने वालों को जिंदा नहीं बख्शने की धमकी दे रखी है।
शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल के प्रिंसीपल को निलंबित करने से नाराज़ स्कूली छात्र-छात्राओं ने अपने अभिवावकों के साथ एक विरोध मार्च निकाला और अधिकारियों से प्रिंसीपल का निलंबन रद्द करने की माँग की। वहीं आपको बता दें कि स्कूल के प्रिंसीपल आरएन केरावत को शतप्रतिशत परिणाम देने के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर को ही जमकर हड़काया। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वो अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर को सरेआम धमकाते, डाँटते और बदसलूकी से बात करते नज़र आ रहे हैं।
“ये मुट्ठी भर लोग, केवल एक परसेंट लोग, हमारा पैसा, देश का पैसा, टैक्स का पैसा खाकर, मुर्दाबाद करेंगे? योगी और मोदी को तुम जिंदा दफन करोगे? मैं तुम्हें जिंदा दफन कर दूँगा। मोदी-योगी देश और प्रदेश को चलाएँगे और ऐसे ही चलाएँगे, जैसे चला रहे हैं।”
BJP राज्य सचिव एके नजीर पर एक मस्जिद के अंदर घातक हमला किया गया। वह 'जन जागृति’ रैली में शामिल होकर CAA पर लोगों को जागरुक कर रहे थे। इस रैली के तुरंत बाद वो मस्जिद में नमाज़ के लिए गए। यहीं पर घात लगाए लोगों ने...
“भारत में दो करोड़ मुस्लिम घुसपैठिए हैं। अकेले पश्चिम बंगाल में एक करोड़ घुसपैठिए हैं। तुम यहाँ आते हो, हमारा खाना खाते हो, यहाँ रहते हो और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाते हो। क्या यह तुम्हारी जमींदारी है? हम तुम्हें लाठियों से मारेंगे, गोली मारेंगे और तुम्हें जेल में डाल देंगे।”
एनआरसी और सीएए पर विपक्ष खासकर कॉन्ग्रेस का दोहरा चरित्र जगजाहिर है। बॉलीवुडिया गैंग के विरोध की भी वजहें निजी हैं। अनुराग कश्यप भी सरकारी खैरात बंद होने की वजह से ट्रोलबाज बने हैं। पढ़िए, वो पत्र जो उनकी पोल खोलता है।
तरुण गोगोई का कहना है कि बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए वैकल्पिक राजनीतिक दल वक्त की जरूरत है। इस संबंध में आसू का प्रस्ताव सामने आने के बाद उन्होंने यह बात कही है।
2017-18 की तुलना में कॉन्ग्रेस पार्टी के चुनावी बॉन्ड की बात करें तो यह 5 करोड़ रुपए से बढ़कर साल 2018-19 में 383 करोड़ रुपए पर पहुँच गई है। सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी ऑडिट रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंप दिया है, वहीं से यह डेटा लिया गया है।
कैलाश विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर कहा था कि दासगुप्ता का घेराव करने वालों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SFI) और TMC के गुंडे शामिल थे। दासगुप्ता के व्याख्यान कार्यक्रम की जगह SFI, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) छात्रसंघ के विरोध के कारण पहले से ही बदल दी गई थी, बावजूद इसके उन्हें छात्रों ने बंधक बना लिया था।