Friday, April 16, 2021
Home राजनीति छत्तीसगढ़ सरकार ने 'मीसा पेंशन' पर लगाई रोक, कहा- वह स्वतंत्रता सेनानी नहीं, तो...

छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘मीसा पेंशन’ पर लगाई रोक, कहा- वह स्वतंत्रता सेनानी नहीं, तो पेंशन क्यों?

कॉन्ग्रेस ने मौलिक अधिकारों का निलंबन करते हुए पूरे देश में आपातकाल लगा दिया था। इसके विरोध में जब देश में आवाज बुलंद होने लगी तो लाखों प्रदर्शनकारियों को जेल भेज दिया गया था। लम्बे अंतराल तक जेल में रहने के बाद और कॉन्ग्रेस के आम चुनावों में पराजय के बाद मीसा बंदियों की रिहाई हो सकी थी।

छत्तीसगढ़ की सरकार ने अपने राज्य के लोगों को दी जाने वाली मीसा पेंशन पर रोक लगा दी है, जिसे फरवरी माह से पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाएगा। इस पेंशन योजना को कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा बंद करते ही बीजेपी ने सीएम पर निशाना साधा है और कहा है कि वह राज्य सरकार के फैसले के ख़िलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।

छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस सरकार बने अभी कुछ ही वक्त हुआ है, लेकिन सीएम भूपेश बघेल ने सत्ता में आते ही 2008 से लागू मीसा पेंशन स्कीम को बँद करने का फैसला किया है। सरकार ने फैसले के पीछे पेंशन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की बात कही है। बल्कि बीजेपी का आरोप है कि सरकार ने इस सम्मान निधि को हमेशा के लिए बंद कर दिया है। वहीं राज्य में विपक्षी पार्टी बीजेपी ने सीएम को चेतावनी दी है कि वह राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएँगे।

बीजेपी की चेतावनी पर सीएम भूपेश बघेल ने कहा है कि मीसा बंदी स्वतंत्रता सेनानी नहीं हैं, तो ऐसे में उन्हें पेंशन क्यों दी जाए। बताया जा रहा है कि इसके बाद राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को ही अधिसूचना जारी कर लोकनायक जयप्रकाश नारायण सम्मान निधि नियम 2008 को रद्द कर दिया। हालाँकि, इस आदेश को अगले माह, यानी फरवरी से, प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।

इसके बाद बीजेपी ने बघेल सरकार को अपने निशाने पर ले लिया। विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक ने सीएम भूपेश बघेल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय अनुचित है। कौशिक ने आगे कहा कि राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार हमेशा की तरह जनविरोधी फैसला ले रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने मौलिक अधिकारों का निलंबन करते हुए पूरे देश में आपातकाल लगा दिया था। इसके विरोध में जब देश में आवाज बुलंद होने लगी तो लाखों प्रदर्शनकारियों को जेल भेज दिया गया था। लम्बे अंतराल तक जेल में रहने के बाद और कॉन्ग्रेस के आम चुनावों में पराजय के बाद मीसा बंदियों की रिहाई हो सकी थी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने मीसा बंदियों के लिए सम्मान निधि शुरू की थी जिसे अब वर्तमान की कॉन्ग्रेस सरकार ने बंद करने का फैसला लिया है यह अनुचित है और यह लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है।

दरअसल भारतीय जनता पार्टी की रमन सिंह सरकार ने वर्ष 2008 में मीसा पेंशन की शुरूआत की थी। इसके तहत राज्य में करीब तीन सौ से अधिक मीसाबंदियों को सम्मान निधि दी जा रही थी, जिसके तहत हर एक पेंशन धारक को 15 से 25 हजार रुपये प्रति माह की राशि दी जाती थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

शेखर गुप्ता के द प्रिंट का नया कारनामा: कोरोना संक्रमण के लिए ठहराया केंद्र को जिम्मेदार, जानें क्या है सच

कोरोना महामारी की शुरुआत में भले ही भारत सरकार ने पूरे देश में एक साथ हर राज्य में लॉकडाउन लगाया, मगर कुछ ही समय में सरकार ने हर राज्य को अपने हिसाब से फैसले लेने का अधिकार भी दे दिया।

ब्रायन के वो तीन बयान जो बताते हैं TMC बंगाल में हार रही है: प्रशांत के बाद डेरेक ओ’ब्रायन की क्लब हाउस में एंट्री

पश्चिम बंगाल में बढ़ती हिन्दुत्व की लहर, जो कि भाजपा की ही सहायता करने वाली है, के बाद भी डेरेक ओ’ब्रायन यही कहेंगे कि भाजपा से पहले पीएम मोदी और अमित शाह को हटाने की जरूरत है।

ऑडियो- ‘लाशों पर राजनीति, CRPF को धमकी, डिटेंशन कैंप का डर’: ममता बनर्जी का एक और ‘खौफनाक’ चेहरा

कथित ऑडियो क्लिप में ममता बनर्जी को यह कहते सुना जा सकता है कि वो (भाजपा) एनपीआर लागू करने और डिटेन्शन कैंप बनाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार और रैलियों के लिए तय की गाइडलाइंस, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि बंगाल चुनाव में रैलियों में कोविड गाइडलाइंस का उल्लंघन होने पर अपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

CPI(M) ने TMC के लोगों को मारा पर वो BJP से अच्छे: डैमेज कंट्रोल करने आए डेरेक ने किया बेड़ा गर्क

प्रशांत किशोर ने जब से क्लब हाउस में TMC को डैमेज किया है, उसे कंट्रोल करने की कोशिशें लगातार हो रहीं। यशवंत सिन्हा से लेकर...

ईसाई मिशनरियों ने बोया घृणा का बीज, 500+ की भीड़ ने 2 साधुओं की ली जान: 181 आरोपितों को मिल चुकी है जमानत

एक 70 साल के बूढ़े साधु का हँसता हुआ चेहरा आपको याद होगा? पालघर में हिन्दूघृणा में 2 साधुओं और एक ड्राइवर की मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर मीडिया चुप रहा। लिबरल गिरोह ने सवाल नहीं पूछे।

प्रचलित ख़बरें

सोशल मीडिया पर नागा साधुओं का मजाक उड़ाने पर फँसी सिमी ग्रेवाल, यूजर्स ने उनकी बिकनी फोटो शेयर कर दिया जवाब

सिमी ग्रेवाल नागा साधुओं की फोटो शेयर करने के बाद से यूजर्स के निशाने पर आ गई हैं। उन्होंने कुंभ मेले में स्नान करने गए नागा साधुओं का...

बेटी के साथ रेप का बदला? पीड़ित पिता ने एक ही परिवार के 6 लोगों की लाश बिछा दी, 6 महीने के बच्चे को...

मृतकों के परिवार के जिस व्यक्ति पर रेप का आरोप है वह फरार है। पुलिस ने हत्या के आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

‘अब या तो गुस्ताख रहेंगे या हम, क्योंकि ये गर्दन नबी की अजमत के लिए है’: तहरीक फरोग-ए-इस्लाम की लिस्ट, नरसिंहानंद को बताया ‘वहशी’

मौलवियों ने कहा कि 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान लाठी-गोलियाँ चलेंगी, लेकिन हिंदुस्तान की जेलें भर जाएंगी, क्योंकि सवाल नबी की अजमत का है।

जहाँ इस्लाम का जन्म हुआ, उस सऊदी अरब में पढ़ाया जा रहा है रामायण-महाभारत

इस्लामिक राष्ट्र सऊदी अरब ने बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच खुद को उसमें ढालना शुरू कर दिया है। मुस्लिम देश ने शैक्षणिक क्षेत्र में...

चीन के लिए बैटिंग या 4200 करोड़ रुपए पर ध्यान: CM ठाकरे क्यों चाहते हैं कोरोना घोषित हो प्राकृतिक आपदा?

COVID19 यदि प्राकृतिक आपदा घोषित हो जाए तो स्टेट डिज़ैस्टर रिलीफ़ फंड में इकट्ठा हुए क़रीब 4200 करोड़ रुपए को खर्च करने का रास्ता खुल जाएगा।

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,237FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe