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‘CAA का समर्थन करने पर हिंदुओं की पानी सप्लाई रोकी गई’: BJP सांसद पर केरल में FIR

बताया जा रहा है कि कॉलोनी के पास रहने वाला एक व्यक्ति हिंदू बहुल कॉलोनी के लोगों के लिए पीने के पानी की आपूर्ति करता था। मगर CAA का समर्थन करने के बाद कॉलोनी के हिंदुओं को पानी की आपूर्ति नहीं की गई।

केरल पुलिस ने भाजपा सांसद शोभा करंदलाजे के खिलाफ धर्म व जाति के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई शोभा के 22 जनवरी को किए गए एक ट्वीट को लेकर की है। उन्होंने ट्वीट कर बताया था कि सीएए का समर्थन करने के कारण कुट्टीपुरम पंचायत के हिंदुओं के यहॉं पानी की सप्लाई रोक दी गई है।

मलप्पुरम के पुलिस प्रमुख अब्दुल करीम ने बताया, “भाजपा सांसद शोभा करंदलाजे के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 (ए), 120, और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने भ्रामक और गलत जानकारी फैलाई और सांप्रदायिक सद्भाव को नष्ट करने की कोशिश की। वहाँ पर CAA पास होने से पहले से ही पानी की कमी थी।”

कर्नाटक की भाजपा सांसद ने अपने ट्वीट में दावा किया था कि केरल कश्मीर में तब्दील होता जा रहा है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि केरल दूसरा कश्मीर बनने जा रहा है। शोभा ने ट्वीट में एक तस्वीर शेयर की, जिसमें कुछ महिलाएँ एवं पुरुष पानी लेने के लिए टैंकर के पास खड़े हैं। शोभा का कहना है कि कुट्टीपुरम के हिंदुओं को पानी देने से इनकार कर दिया गया, क्योंकि उन लोगों ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का समर्थन किया है। उनका कहना है कि सेवा भारती नाम के एक एनजीओ ने निवासियों के साथ हुए अन्याय के बारे में सुनकर कॉलोनी के घरों में पीने का पानी पहुँचाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने पूछा कि क्या लुटियन्स मीडिया इस असहिष्णुता को टेलीकास्ट करेगी?

जानकारी के मुताबिक केरल के मलप्पुरम जिले के कुट्टिपुरम में एक कॉलोनी के हिंदू निवासियों को पीने का पानी देने से वंचित कर दिया गया था और साथ ही उन्हें नागरिकता संशोधन अधिनियम पर सरकार का समर्थन करने के लिए मुस्लिम समूहों द्वारा बहिष्कार का भी सामना करना पड़ा था। बताया जा रहा है कि कॉलोनी के पास रहने वाला एक व्यक्ति हिंदू बहुल कॉलोनी के लोगों के लिए पीने के पानी की आपूर्ति करता था। मगर CAA का समर्थन करने के बाद कॉलोनी के हिंदुओं को पानी की आपूर्ति नहीं की गई।

जनगणना के आँकड़ों के मुताबिक जिले के लगभग 70% निवासी मुस्लिम हैं और इस घटना ने इन दावों को और मजबूत कर दिया कि सीएए के विरोध-प्रदर्शनों ने विशेष रूप से उन समाजों में सांप्रदायिक तनाव पैदा किया है जहाँ मुस्लिम समुदाय बहुमत में हैं। ट्विटर पर इस मुद्दे को लेकर आवाज उठाने वाली भाजपा सांसद के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज किया है।

उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश भर में हो रहे विरोध-प्रदर्शन अब सांप्रदायिकता का रूप ले रहे हैं। जब मुस्लिमों ने देश भर में सड़कों पर हिंसा फैलाने के बावजूद मोदी सरकार पर दबाव बनाने में असफल रहीं, तो उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में किए जा रहे प्रदर्शन में हिंदू विरोधी और भारत विरोधी प्रचार का सहारा ले रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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