सन् 1715 में चार्ल्स बून को मुंबई का गवर्नर बना कर भेजा गया और उसने प्रण लिया कि वो कान्होजी आंग्रे की ताकत को ख़त्म कर देगा। अभिमानी बून ने एक बड़ी सेना लेकर विजय दुर्ग पर आक्रमण किया।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों को विजयवाड़ा के NIA कोर्ट में पेश किया गया। जिसके बाद उन्हें 3 जनवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।