जर्नलिस्ट चित्रा त्रिपाठी आजतक का शो एंकर कर रही थीं। उन्होंने अपने शो में कह दिया कि ममता बनर्जी ने राज्य में लॉकडाउन को इस महीने की 40 तारीख तक बढ़ा दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन के उल्लंघन और सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन नहीं होने पर जवाब मॉंगा है। कहा है कि राज्य में गैर जरूरी चीजों की दुकाने खोलने और मजहबी जमावड़े के लिए इजाजत दिए जाने की सूचना मिली है। राशन प्रशासन की बजाए नेता बॉंट रहे हैं।
राज्य में एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई जा चुकी है जो इस बात की जाँच करेगी कि जिनकी मृत्यु कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद हुई है क्या वाकई उनकी मौत का कारण कोरोना संक्रमण ही है।
वाइस प्रिंसिपल से संतुष्टीपूर्ण जवाब न मिलने पर डॉक्टरों ने एक बार फिर से पीपीई किट के लिए दबाव डाला। इसके जवाब में उन्होंने डॉक्टरों को ड्यूटी पर आने के लिए मना कर दिया।
कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर इंद्रनील ख़ान को रातोंरात पुलिस उठा कर ले गई और उन्हें हिरासत में रख लिया। कहा जा रहा है कि सरकार की खामियों को उजागर करने की उन्हें सज़ा दी गई है। चीन में जिन भी डॉक्टरों या प्रबुद्ध जनों ने कोरोना वायरस को लेकर आवाज़ उठाई थी, उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ा था।
अख्तर हुसैन पश्चिम बंगाल के आसनसोल में पार्षद हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के लॉकडाउन के आदेश की खिल्ली उड़ाते हुए लोगों से अपील की है, “अगर मोदी ताली बजाकर कोरोना को रोक सकते हैं तो क्यों न हमें इसे हराने के लिए प्रार्थना (अजान) में जुटना चाहिए।”
रविवार (मार्च 22, 2020) को पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के विभिन्न सरकारी स्कूलों में चावल और आलू बाँटने का कार्यक्रम रखा है। इसका अर्थ है कि उस दिन भारी भीड़ जुटेगी। इससे 'सोशल डिस्टन्सिंग' की सलाह को तगड़ा झटका लगा है।
5 बच्चों के पिता नास्कर का कहना है कि खुद की पार्टी TMC के भीतर ही उनके कई दुश्मन हैं। अगर उनकी हत्या होती है तो प्रतिमाएँ लोगों को उनकी याद दिलाती रहेगी।
"बंगाल में चूहा भी काट ले तो ये लोग (BJP वाले) सीबीआई जाँच की माँग करते हैं। वहीं, दिल्ली में इतने लोगों की हत्या हुई, इसको लेकर कोई न्यायिक जाँच नहीं हुई। मैं सुप्रीम कोर्ट के जजों के द्वारा न्यायिक जाँच की माँग करती हूँ।"