Friday, October 7, 2022
Homeदेश-समाजबंगाल: कोरोना+ को भर्ती करने से अस्पतालों का इनकार, मौत के बाद परिजन ने...

बंगाल: कोरोना+ को भर्ती करने से अस्पतालों का इनकार, मौत के बाद परिजन ने खोली ममता बनर्जी सरकार की पोल

समीर ने फेसबुक पोस्ट में बताया है कि मरीज की मौत के बाद तुरंत मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाकर दे दिया गया और मौत की वजह 'कार्डियक अरेस्ट' को बताया गया। अंतिम संस्कार के लिए 5 गुना ज्यादा रुपए लगे सो अलग।

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के असंवेदनशील रवैए की पोल खोलते हुए समीर अख्तर नाम के व्यक्ति ने अपने एक परिजन के साथ हुए बुरे अनुभव का वाकया शेयर किया है। समीर ने फेसबुक पर बताया कि उनके साले डॉक्टर एसएस मुखर्जी की कोरोना वायरस के कारण मृत्यु हो गई, क्योंकि उन्हें इलाज की कोई व्यवस्था नहीं मिल पाई। उन्होंने कई अस्पतालों के चक्कर काटे लेकिन सभी ने उन्हें एडमिट करने से इनकार कर दिया।

समीर और उनके परिजनों ने मरीज को अपोलो, एएमआरआई के दोनों सेंटरों, दसुन, रूबी, पीयरलेस और कोलकाता हॉस्पिटल में भर्ती कराने का प्रयास किया लेकिन कोई भी उन्हें एडमिट करने को राजी नहीं हुआ।मेडिकल इक्विपमेंट्स ट्रेड में सक्रिय होने के कारण समीर को लगभग सारे अस्पतालों के बारे में जानकारी थी। उन्होंने हर जगह अपने साले को एडमिट कराने का प्रयास किया।

अपोलो और साल्ट लेक में स्थित एएमआरआई में तो समीर ने ही कई मेडिकल इक्विपमेंट्स इस्टॉल किए थे, जो काइजेन कम्पनी से आए थे। समीर ने जानकारी दी कि अस्पतालों ने मरीज को एडमिट न करने के पीछे पश्चिम बंगाल सरकार के आदेश को कारण बताया। सभी अस्पतालों ने एडमिट न करने के पीछे कई बहाने बनाए। बाद में किसी तरह उन्हें मंगलवार (अप्रैल 28, 2020) को एमआर बांगुर में दाखिल कराया गया, जहाँ उन्हें डॉक्टर एसआर पॉल के अंतर्गत रखा गया था।

लेकिन, डॉक्टर ने मरीज का इलाज करना तो दूर, उन्हें देखने तक से इनकार कर दिया। परिजन लगातार निवेदन करते रहे लेकिन डॉक्टर के कान में जूँ तक न रेंगी। बांगुर क्वारंटाइन हॉल में उन्हें शिफ्ट कर दिया गया, जहाँ किसी भी प्रकार की मेडिकल सुविधा नहीं थीं। समीर बताते हैं कि एक ही हॉल में 40 बिस्तर लगा दिए गए थे। समीर ने बताया कि गर्मी होने के बावजूद हॉल में एक पंखा तक नहीं लगाया गया था। दवाओं तक की व्यवस्था नहीं की गई थी।

समीर ने साझा किया अपना अनुभव

समीर ने अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि जब एक मरीज की तबीयत ख़राब हुई तो चिल्लाने के बावजूद एक डॉक्टर तक को नहीं भेजा गया। उन्होंने लिखा कि यही पश्चिम बंगाल है और इसी दुर्दशा में यहाँ के लोगों को रहना पड़ रहा है। मरीज की मौत के बाद तुरंत मृत्यु प्रमाण-पत्र बना कर दे दिया गया और मौत की वजह ‘कार्डियक अरेस्ट’ को बताया गया। अंतिम संस्कार के लिए 5 गुना ज्यादा रुपए लगे सो अलग।

समीर ने अफ़सोस जताते हुए कहा कि वे ऐसे राज्य में रह रहे हैं, जहाँ इस तरह की गतिविधियाँ चल रही हैं। उन्होंने राज्य के अन्य नागरिकों को अपने अनुभव से अवगत कराते हुए उन्हें सजग रहने की सलाह दी। उनके फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए गए हैं। लोग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सलाह दे रहे हैं कि वो लोगों की ज़िंदगी को अपनी राजनीति से ऊपर रखें।

तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि उसने कोरोना वायरस के मरीजों से जुड़े आँकड़े में छेड़छाड़ किया है और टेस्टिंग में भी कमी कर दी है। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया था कि तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार राज्य में कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ लड़ाई को कमजोर कर रही है। उन्होंने सीएम ममता से आग्रह किया था कि मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति छोड़ कर अब पश्चिम बंगाल को बचाने की ओर ध्यान देना चाहिए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मंदिर में नमाज गंगा-जमुनी तहजीब, कर्नाटक के बीदर में पारंपरिक दशहरा पूजा मस्जिद-मुस्लिमों पर हमला: इस्लामी प्रलाप कब तक भोगते रहेंगे हिंदू

कर्नाटक के बीदर में दशहरा पूजा की जो परिपाटी निजाम काल से चल रही है, उस पर इस्लामी प्रलाप चल रहा है। इसके दबाव में पुलिस ने 9 हिंदुओं पर एफआईआर की है।

राजस्थान में छाया बिजली संकट: 23 थर्मल स्टेशनों में से 11 बंद, प्रदेश में बचा है सिर्फ 4 दिन का कोयला

राजस्थान में बिजली संकट का खतरा बढ़ता जा रहा है। कोयले की आपूर्ति न होने के कारण प्रदेश में 23 थर्मल स्टेशनों में से 11 ने बिजली उत्पादन करना बंद कर दिया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
226,731FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe