Sunday, September 1, 2024
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बंगाल के जिन इलाकों को बताया ग्रीन जोन, वहाँ मिले कोरोना संक्रमित: अपने ही पत्र से कठघरे में ममता सरकार

अमित मालवीय ने ममता सरकार का एक पत्र शेयर किया है। उनका कहना है कि वीडियो कॉन्फ्रेंस में बंगाल के 10 जिलों को रेड जोन दिखाया गया था। हकीकत में वर्तमान में रेड जोन केवल 4 जिले हैं। जो जिले ग्रीन जोन में बताए गए हैं वहॉं कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं।

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति लंबे समय से संदेह के घेरे में हैं। राज्य सरकार के बयानों और दावों के उलट लगातार ऐसे प्रमाण सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं, जो सवाल पूछने पर मजबूर कर रहे हैं। राज्यपाल जगदीप धनखड़ का भी कहना है कि राज्य सरकार के मुताबिक, कोरोना से प्रदेश में 105 लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि आँकड़ा इससे अधिक है। उन्होंने पूछा है कि सरकार मृत्यु की वास्तविक संख्या क्यों छिपा रही है? अगर लोगों को सही स्थिति पता होगी तो वे ज्यादा सावधान होंगे।

यहाँ बता दें, ममता सरकार की लापरवाही के मामलों में ताजा मामला इलाकों को तीन वर्गों में बाँटने को लेकर उजागर हुआ है। इस संबंध में भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में कुछ रिपोर्ट्स और सरकार के पत्र को संकलित किया है और कहा है कि जिस मंशा से ममता सरकार ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पर हमला बोलना चाहा, वो अब पूरी तरह उनपर उलटा पड़ गया है।

अमित मालवीय ने अपने ट्वीट में ममता सरकार का एक पत्र शेयर किया है। उन्होंने कहा है कि वीडियो कॉन्फ्रेंस में बंगाल के 10 जिलों को रेड जोन में दिखाया गया। हकीकत में वर्तमान में रेड जोन केवल 4 जिले हैं- कोलकाता, हावड़ा, नॉर्थ 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर। इसके बाद अगले पृष्ठ पर जिलों के नामों को रेड, ऑरेंज और ग्रीम जोन की सूची में वर्गीकृत करके केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय को रिपोर्ट पेश की गई। इसमें 4 जिलों को रेड जोन बताने के अलावा, 11 जिलों को ऑरेंज जोन में बताया गया और 8 जोन को ग्रीन जोन में। 

इस पत्र की ओर ध्यान आकर्षित करवाते हुए अमित मालवीय ने एक बंगाली समाचार पत्र में प्रकाशित खबर शेयर की है। उन्होंने कहा कि ममता सरकार द्वारा जारी पत्र में अलीपुरद्वार जिले को ग्रीन जोन में रखा गया है, जबकि बंगाली समाचार पत्र की खबर के अनुसार वहाँ कल ही 4 मामलों की पुष्टि हुई है। उनका कहना कि जब कल ही कोरोना मामलों की पुष्टि हुई है तो फिर ममता सरकार ने उसे ग्रीन जोन में क्यों रखा?

इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने वायरल रिसर्च एवं डायगनॉस्टिक लैब में हुए कोरोना संदिग्धों की रिपोर्ट डाली। उन्होंने लिखा कि केवल अलीपुरद्वार ही नहीं बल्कि बीरभूम में भी कोरोना के संक्रमित मामले हैं। जिसे लेकर बंगाल सरकार ये दावे कर रही है कि वो ग्रीन जोन में आता है। उनका पूछना है कि आखिर ममता सरकार जनता को क्यों बरगला रही है और आखिर क्यों अभिमानियों की तरह पूरे मामले को हैंडल कर रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। यह कोलकाता के एमआर बंगूर अस्पताल का था। वीडियो में कोरोना मरीजों को लेकर लापरवाही और वार्ड में बदइंतजामी दिख रही थी। शवों के साथ मरीजों को एक वार्ड में रखा हुआ है और मरीज भी शव के आसपास घूम रहे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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