Tuesday, May 18, 2021
Home राजनीति बंगाल के जिन इलाकों को बताया ग्रीन जोन, वहाँ मिले कोरोना संक्रमित: अपने ही...

बंगाल के जिन इलाकों को बताया ग्रीन जोन, वहाँ मिले कोरोना संक्रमित: अपने ही पत्र से कठघरे में ममता सरकार

अमित मालवीय ने ममता सरकार का एक पत्र शेयर किया है। उनका कहना है कि वीडियो कॉन्फ्रेंस में बंगाल के 10 जिलों को रेड जोन दिखाया गया था। हकीकत में वर्तमान में रेड जोन केवल 4 जिले हैं। जो जिले ग्रीन जोन में बताए गए हैं वहॉं कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं।

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति लंबे समय से संदेह के घेरे में हैं। राज्य सरकार के बयानों और दावों के उलट लगातार ऐसे प्रमाण सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं, जो सवाल पूछने पर मजबूर कर रहे हैं। राज्यपाल जगदीप धनखड़ का भी कहना है कि राज्य सरकार के मुताबिक, कोरोना से प्रदेश में 105 लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि आँकड़ा इससे अधिक है। उन्होंने पूछा है कि सरकार मृत्यु की वास्तविक संख्या क्यों छिपा रही है? अगर लोगों को सही स्थिति पता होगी तो वे ज्यादा सावधान होंगे।

यहाँ बता दें, ममता सरकार की लापरवाही के मामलों में ताजा मामला इलाकों को तीन वर्गों में बाँटने को लेकर उजागर हुआ है। इस संबंध में भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में कुछ रिपोर्ट्स और सरकार के पत्र को संकलित किया है और कहा है कि जिस मंशा से ममता सरकार ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पर हमला बोलना चाहा, वो अब पूरी तरह उनपर उलटा पड़ गया है।

अमित मालवीय ने अपने ट्वीट में ममता सरकार का एक पत्र शेयर किया है। उन्होंने कहा है कि वीडियो कॉन्फ्रेंस में बंगाल के 10 जिलों को रेड जोन में दिखाया गया। हकीकत में वर्तमान में रेड जोन केवल 4 जिले हैं- कोलकाता, हावड़ा, नॉर्थ 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर। इसके बाद अगले पृष्ठ पर जिलों के नामों को रेड, ऑरेंज और ग्रीम जोन की सूची में वर्गीकृत करके केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय को रिपोर्ट पेश की गई। इसमें 4 जिलों को रेड जोन बताने के अलावा, 11 जिलों को ऑरेंज जोन में बताया गया और 8 जोन को ग्रीन जोन में। 

इस पत्र की ओर ध्यान आकर्षित करवाते हुए अमित मालवीय ने एक बंगाली समाचार पत्र में प्रकाशित खबर शेयर की है। उन्होंने कहा कि ममता सरकार द्वारा जारी पत्र में अलीपुरद्वार जिले को ग्रीन जोन में रखा गया है, जबकि बंगाली समाचार पत्र की खबर के अनुसार वहाँ कल ही 4 मामलों की पुष्टि हुई है। उनका कहना कि जब कल ही कोरोना मामलों की पुष्टि हुई है तो फिर ममता सरकार ने उसे ग्रीन जोन में क्यों रखा?

इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने वायरल रिसर्च एवं डायगनॉस्टिक लैब में हुए कोरोना संदिग्धों की रिपोर्ट डाली। उन्होंने लिखा कि केवल अलीपुरद्वार ही नहीं बल्कि बीरभूम में भी कोरोना के संक्रमित मामले हैं। जिसे लेकर बंगाल सरकार ये दावे कर रही है कि वो ग्रीन जोन में आता है। उनका पूछना है कि आखिर ममता सरकार जनता को क्यों बरगला रही है और आखिर क्यों अभिमानियों की तरह पूरे मामले को हैंडल कर रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। यह कोलकाता के एमआर बंगूर अस्पताल का था। वीडियो में कोरोना मरीजों को लेकर लापरवाही और वार्ड में बदइंतजामी दिख रही थी। शवों के साथ मरीजों को एक वार्ड में रखा हुआ है और मरीज भी शव के आसपास घूम रहे थे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी स्ट्रेन’: कैसे कॉन्ग्रेस टूलकिट ने की PM मोदी की छवि खराब करने की कोशिश? NDTV भी हैशटैग फैलाते आया नजर

हैशटैग और फ्रेज “#IndiaStrain” और “India Strain” सोशल मीडिया पर अधिक प्रमुखता से उपयोग किया गया। NDTV जैसे मीडिया हाउसों को शब्द और हैशटैग फैलाते हुए भी देखा जा सकता है।

कॉन्ग्रेस टूलकिट का प्रभाव? पैट कमिंस और दलाई लामा को PM CARES फंड में दान करने के लिए किया गया था ट्रोल

सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए एक नया टूलकिट सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी एक बार फिर से सुर्खियों में है। चार-पृष्ठ के दस्तावेज में पीएम केयर्स फंड को बदनाम करने की योजना थी।

₹50 हजार मुआवजा, 2500 पेंशन, बिना राशन कार्ड भी फ्री राशन: कोरोना को लेकर केजरीवाल सरकार की ‘मुफ्त’ योजना

दिल्‍ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने कोरोना महामारी में माता पिता को खोने वाले बच्‍चों को 2500 रुपए प्रति माह और मुफ्त शिक्षा देने का ऐलान किया है।

ख़लीफ़ा मियाँ… किसाण तो वो हैं जिन्हें हमणे ट्रक की बत्ती के पीछे लगाया है

हमने सब ट्राई कर लिया। भाषण दिया, धमकी दी, ज़बरदस्ती कर ली, ट्रैक्टर रैली की, मसाज करवाया... पर ये गोरमिंट तो सुण ई नई रई।

कॉन्ग्रेस के इशारे पर भारत के खिलाफ विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग, ‘दोस्त पत्रकारों’ का मिला साथ: टूलकिट से खुलासा

भारत में विदेशी मीडिया संस्थानों के कॉरेस्पोंडेंट्स के माध्यम से पीएम मोदी को सभी समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

‘केरल मॉडल’ वाली शैलजा को जगह नहीं, दामाद मुहम्मद रियास को बनाया मंत्री: विजयन कैबिनेट में CM को छोड़ सभी चेहरे नए

वामपंथी सरकार की कैबिनेट में सीएम विजयन ने अपने दामाद को भी जगह दी है, जो CPI(M) यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।

प्रचलित ख़बरें

जैश की साजिश, टारगेट महंत नरसिंहानंद: भगवा कपड़ा और पूजा सामग्री के साथ जहाँगीर गिरफ्तार, साधु बन मंदिर में घुसता

कश्मीर के रहने वाले जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को साधु के वेश में मंदिर में घुस कर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करनी थी।

अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ का हमला: यहूदी खून से लथपथ, बचाव में उतरी लड़की का यौन शोषण

कनाडा में फिलिस्तीन समर्थक भीड़ ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया जो एक अन्य यहूदी व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहा था। हिंसक भीड़ अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए उसे लाठियों से पीटा।

विनोद दुआ की बेटी ने ‘भक्तों’ के मरने की माँगी थी दुआ, माँ के इलाज में एक ‘भक्त’ MP ने ही की मदद

मोदी समर्थकों को 'भक्त' बताते हुए मल्लिका उनके मरने की दुआ माँग चुकी हैं। लेकिन, जब वे मुश्किल में पड़ी तो एक 'भक्त' ने ही उनकी मदद की।

भारत में दूसरी लहर नहीं आने की भविष्यवाणी करने वाले वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने सरकारी पैनल से दिया इस्तीफा

वरिष्ठ वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने भारत में कोविड-19 के प्रकोप की गंभीरता की भविष्यवाणी करने में विफल रहने के बाद भारतीय SARS-CoV-2 जीनोम सीक्वेंसिंग कंसोर्टिया (INSACOG) के वैज्ञानिक सलाहकार समूह के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया।

मेवात के आसिफ की हत्या में सांप्रदायिक एंगल नहीं, पुरानी राजनीतिक दुश्मनी: हरियाणा पुलिस

आसिफ की मृत्यु की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद, कुछ मीडिया हाउसों ने दावा किया कि उसे मारे जाने से पहले 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर किया गया था, जिसकी वजह से घटना ने सांप्रदायिक मोड़ ले लिया।

ओडिशा के DM ने बिगाड़ा सोनू सूद का खेल: जिसके लिए बेड अरेंज करने का लूटा श्रेय, वो होम आइसोलेशन में

मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद को किया गया ट्वीट तब से गायब है। सोनू सूद वास्तव में किसी की मदद किए बिना भी कोविड-19 रोगियों के लिए मदद की व्यवस्था करने के लिए क्रेडिट का झूठा दावा कर रहे थे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,384FansLike
96,061FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe