कोरोना महामारी की शुरुआत में भले ही भारत सरकार ने पूरे देश में एक साथ हर राज्य में लॉकडाउन लगाया, मगर कुछ ही समय में सरकार ने हर राज्य को अपने हिसाब से फैसले लेने का अधिकार भी दे दिया।
डिबेट के 46 मिनट 19 सेकेंड के स्लॉट पर अर्नब ने सीधे बरखा दत्ता को उनकी अवैध गिरफ्तारी पर जश्न मनाने और सचिन वाजे जैसे भ्रष्ट अधिकारी के कुकर्मों का महिमामंडन करने के लिए लताड़ा है।
न्यूज़लॉन्ड्री ने जहाँ 88 साल के ई श्रीधरन के साथ बदतमीजी की, वहीं केरल की वामपंथी मंत्री केके शैलजा को रॉकस्टार बता गुणगान किया। यही है 'निडर पत्रकारिता'?
रेडियो चुप है। कोई ब्लैक स्क्रीन नहीं है। कहीं पेंट हुए चेहरे नहीं हैं और कोई मीम नहीं है। सिर्फ़ चुप्पी है। यही चुप्पी तुम्हारे रक्षक की हकीकत है। ये चुप्पी ही आज का शो है।