Monday, May 17, 2021
Home विचार मीडिया हलचल सुबह का 'प्रोपेगेंडाबाज' शाम को 'पलटी मारे' तो उसे शेखर गुप्ता कहते हैं: कोरोना...

सुबह का ‘प्रोपेगेंडाबाज’ शाम को ‘पलटी मारे’ तो उसे शेखर गुप्ता कहते हैं: कोरोना वैक्सीन में ‘दाल-भात मूसलचंद’ का क्या काम

सरकार ने 1 मई से टीकाकरण को लेकर जिस तरह पूरे प्लान के साथ आदेश जारी किया है, स्पष्ट है कि वो अचानक से नहीं हुआ। शेखर गुप्ता को अपने पुराने ट्वीट्स और खबरें देखनी चाहिए, जिसमें उन्होंने इन्हीं स्वदेशी टीकाओं को लेकर डर का माहौल बनाया था।

अगर कोई व्यक्ति अपनी पूरी मशीनरी के साथ किसी चीज के खिलाफप्रोपेगेंडा फैलाने में लगा हो और कुछ ही दिनों बाद फिर से उसके पक्ष में बातें करने लगे तो ज़रूर दाल में कुछ काला है। शेखर गुप्ता का ‘द प्रिंट’ कोरोना के स्वदेशी टीकों के खिलाफ अफवाहें फैलाने में सबसे अगली पंक्ति में था। अब यही गुप्ता सभी के टीकाकरण का स्वागत कर रहे हैं। साथ ही वो केंद्र सरकार द्वारा ‘भूल सुधारने’ की बातें भी कर रहे हैं।

दरअसल, ये सब कुछ भारत सरकार के एक फैसले के बाद शुरू हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (अप्रैल 19, 2021) को कई मैराथन बैठकें की, जिसके बाद शाम को खबर आई कि मई 1 से 18 वर्ष की उम्र के लोग कोरोना वैक्सीन ले सकेंगे। इसके बाद इसका क्रेडिट लेने की होड़ मच गई। कॉन्ग्रेस नेताओं ने कहा कि ‘दूरदर्शी’ राहुल गाँधी के कहने पर ऐसा हुआ। TMC नेता कहने लगे कि देश की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री की सलाह केंद्र ने सुनी।

ऐसे में मीडिया के गिरोह विशेष का प्रतिनिधित्व करने वाले शेखर गुप्ता कैसे पीछे रहते। उन्होंने एक कहावत शेयर की, “सुबह का भूला अगर शाम को घर लौट आए तो वो भूला नहीं कहलाता।” उन्होंने दावा किया कि पहले ही काफी समय जाया हो चुका है, कई लोग मर चुके हैं और कामकाज के कितने ही दिन बर्बाद हो गए हैं। साथ ही उन्होंने भारत सरकार के आदेश वाली प्रेस रिलीज शेयर की।

असल में भारत सरकार ने पहले ही टीकाकरण को कई चरणों में कराने का फैसला लिया था और इसके तहत सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों और कोरोना वॉरियर्स को प्राथमिकता दी गई। ये वो समय था, जब भाजपा विरोधी पूरा तंत्र वैक्सीन को लेकर इतनी अफवाहें फ़ैलाने में व्यस्त था कि कई लोग डर से भी इसे नहीं ले रहे थे। स्वाथ्यकर्मियों के बाद बुजुर्गों और फिर 45 वर्ष की उम्र के ऊपर के लोगो को वैक्सीन दी गई।

ध्यान देने वाली बात ये है कि अब तक इन सभी को स्वदेशी वैक्सीन ही दी गई है। अब अंतिम चरण में तो 18 वर्ष के ऊपर के ही व्यस्क बच जाते हैं न? तो फिर वैक्सीन उन्हें मिलनी ही थी। इसमें ‘भूल’ कहाँ हुई? क्या कोरोना वॉरियर्स को पहले वैक्सीन देना भूल थी? क्या वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता देना भूल थी? ऐसा तो है नहीं कि गुप्ता जी जैसों को लगता हो कि वैक्सीन की खेप PMO में रखी हुई थी और उसे बस रिलीज करना था।

इसके लिए सरकार को वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों को पैसे देने होते हैं। अब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोवैक्सीन और कोविशील्ड बनाने वाली कंपनियों को 4500 करोड़ से भी अधिक रुपए 100% एडवांस पेमेंट के रूप में जारी किए हैं, तब जाकर टीकाकरण के लिए 18 वर्ष के सभी योग्य लोगों के लिए सुलभ हो सकेगा। सरकार टीकाकरण का पूरा खर्च उठा रही है। अब तक जनता से एक पाई भी नहीं लिया गया है।

भारत इस मामले में डायनेमिक मैपिंग मॉडल पर कार्य कर रहा है, जिसके तहत जिन्हें कोरोना से ज्यादा खतरा है उन्हें पहले वैक्सीन दी गई। इसका पहला फेज जनवरी 16, 2021 को ही शुरू कर दिया गया था। पीएम मोदी ने कल की बैठक में भी कहा कि सरकार देश में सभी पात्र लोगों के टीकाकरण के लिए एक वृहद योजना लेकर चल रही है।

क्या आपको पता है कि जब वैक्सीन को लेकर जागरूकता फैलाने की बारी थी, तब शेखर गुप्ता का ‘द प्रिंट’ क्या कर रहा था? फरवरी 3, 2021 को आई एक खबर में बताया गया था कि कैसे भारत बायोटेक और सीरम (SII) विवादों में घिरा हुआ है। उससे पहले जनवरी में दोनों वैक्सीन को वैज्ञानिक रूप से संदेहास्पद बताया गया। मार्च 13 की खबर में बताया गया कि सरकार को कोवैक्सीन पर विश्वास नहीं है और इसकी वजह हैं 43 कोरोना केसेज।

इतना ही नहीं, शेखर गुप्ता के पोर्टल की और भी कारस्तानियाँ सुनिए। जनवरी 2021 की ही एक अन्य खबर में दावा किया कि भारत बायोटेक ने एक ही दिन में एक्सपर्ट पैनल के दिमाग को बदल दिया। जनवरी 22 को कहा गया कि कोवैक्सीन WHO के मानकों पर खड़ा नहीं उतरता है। जनवरी की शुरुआत में कहा गया कि वैक्सीन का फेज 3 ट्रायल अपूर्ण है। जनवरी 16 को कहा गया कि कोवैक्सीन को लेकर लोगों में सकुचाहट है।

जनवरी 8 को एक खबर में दावा कर दिया गया कि भारतीय नियामकों में इतने छेद हैं कि दोनों वैक्सीन को मँजूरी मिल गई। DCGI ने जब वैक्सीन को अप्रूव किया तो इसे राजनीतिक जुमला बताया गया। कॉन्ग्रेस ने भी वैक्सीन को लेकर गड़बड़ दावे किए थे, जिन्हें शेखर गुप्ता ने आगे बढ़ाया। अब आप बताइए, वैक्सीन को लेकर लोगों को डराने वाले आज क्यों पूछ रहे हैं कि सभी को वैक्सीन क्यों नहीं दिया?

वैक्सीन पर अफवाह फैलाने वाली कॉन्ग्रेस भी ऐसी ही बातें करती रही है। इसलिए, इनके लिए ‘सौ चूहे खा कर बिल्ली चली हज को’ वाली कहावत फिट बैठती है। सरकार ने 1 मई से टीकाकरण को लेकर जिस तरह पूरे प्लान के साथ आदेश जारी किया है, स्पष्ट है कि वो अचानक से नहीं हुआ। शेखर गुप्ता को अपने पुराने ट्वीट्स और खबरें देखनी चाहिए, जिसमें उन्होंने इन्हीं स्वदेशी टीकाओं को लेकर डर का माहौल बनाया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बंगाल की उबड़-खाबड़ डगर: नारदा में TMC पर कसा फंदा तो CBI से ममता ने दिखाई पुरानी रार

बंगाल की राजनीति कौन सी करवट लेगी, यह समय तय करेगा। फिलहाल ममता बनर्जी और उनकी सरकार के लिए रास्ते सीधे नहीं दिखते।

गाजा पर 1180 हमले, इजरायल पर दागे 3150 रॉकेट: युद्धविराम को नेतन्याहू की ना, बोले- जंग जारी रहेगी

युद्धविराम को खारिज करते हुए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हर देश को अपनी रक्षा का अधिकार है।

हिन्दू राजाओं ने बसाया, इस्लामी व पुर्तगाली ताकतों ने किया अत्याचार: 3000 वर्ष पुराना है भारत में यहूदियों का इतिहास

ईसाई धर्म की पवित्र पुस्तक बाइबिल में लिखा है कि किस तरह राजा सोलोमन 'ओफिर' नामक स्थान से समुद्र के रास्ते सोने-चाँदी का व्यापार करता था। इस जगह को भारत में ही चिह्नित किया गया है।

डेढ़ महीने में बेड 10 गुणा: हालात में सुधार, कोरोना की तीसरी लहर पर काबू पाने की तैयारियों में जुटी योगी सरकार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (मई 16, 2021) को कहा कि राज्य कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयार है।

ओडिशा के DM ने बिगाड़ा सोनू सूद का खेल: जिसके लिए बेड अरेंज करने का लूटा श्रेय, वो होम आइसोलेशन में

मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद को किया गया ट्वीट तब से गायब है। सोनू सूद वास्तव में किसी की मदद किए बिना भी कोविड-19 रोगियों के लिए मदद की व्यवस्था करने के लिए क्रेडिट का झूठा दावा कर रहे थे।

जैश की साजिश, टारगेट महंत नरसिंहानंद: भगवा कपड़ा और पूजा सामग्री के साथ जहाँगीर गिरफ्तार, साधु बन मंदिर में घुसता

कश्मीर के रहने वाले जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को साधु के वेश में मंदिर में घुस कर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करनी थी।

प्रचलित ख़बरें

पैगंबर मोहम्मद की दी दुहाई, माँगा 10 मिनट का समय: अल जजीरा न्यूज चैनल बिल्डिंग के मालिक को अनसुना कर इजरायल ने की बमबारी

इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि बिल्डिंग का मालिक इजरायल के अधिकारी से 10 मिनट का वक्त माँगता है। वो कहता है कि चार लोग बिल्डिंग के अंदर कैमरा और बाकी उपकरण लेने के लिए अंदर गए हैं, कृपया तब तक रुक जाएँ।

बड़े युद्ध की तैयारी में चीन! ताइवान से चल रहे तनाव के बीच सामने आया युद्धाभ्यास का वीडियो

वीडियो में चीन का 40,000 टन वजनी युद्धपोत ‘टाइप 075’ देखा गया जो एक साथ 30 हेलिकॉप्टर और 1,000 सैनिकों को ले जाने की क्षमता रखता है।

ईद में तिरंगा बिछाया, उसके ऊपर खाना खाया: असम में 6 गिरफ्तार, रेजिना परवीन सुल्ताना के घर हो रही थी दावत

असम पुलिस ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अभयपुरी के टेंगनामारी गाँव की रेजिना परवीन सुल्ताना के घर में डाइनिंग टेबल पर भारतीय ध्वज...

जैश की साजिश, टारगेट महंत नरसिंहानंद: भगवा कपड़ा और पूजा सामग्री के साथ जहाँगीर गिरफ्तार, साधु बन मंदिर में घुसता

कश्मीर के रहने वाले जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को साधु के वेश में मंदिर में घुस कर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करनी थी।

ईद में नंगा नाच: 42 सदस्यीय डांस ग्रुप की लड़कियों को नंगा नचाया, 800 की भीड़ ने खंजर-कुल्हाड़ी से धमकाया

जब 42-सदस्यीय ग्रुप वहाँ पहुँचा तो वहाँ ईद के सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसा कोई माहौल नहीं था। जब उन्होंने कुद्दुस अली से इस बारे में बात की तो वह उन्हें एक संदेहास्पद स्थान पर ले गया जो हर तरफ से लोहे की चादरों से घिरा हुआ था। यहाँ 700-800 लोग लड़कियों को घेर कर खंजर से...

ईद पर 1 पुलिस वाले को जलाया जिंदा, 46 को किया घायल: 24 घंटे के भीतर 30 कट्टरपंथी मुस्लिमों को फाँसी

ईद के दिन मुस्लिम कट्टरपंथियों ने 1 पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की, उन्हें जिंदा जला दिया। त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 को मौत की सजा।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,381FansLike
95,445FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe