खबरों के माध्यम से चैनल के संपादक अतुल अग्रवाल ने उनकी मानहानि की और योग व हिंदू धर्म संस्कृति पर सवाल उठाते हुए धार्मिक भावनाओं को आहत किया। इस मामले में कोर्ट ने पुलिस को चैनल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
मंजुल के सहयोगी ने बताया कि मंजुल अपने इस गलत फैसले के लिए बाहरी कारणों को दोष दे रहे हैं और आशा है कि जो पब्लिसिटी उन्हें मिली है उससे अब वो ज्यादा पैसे कमा रहे होंगे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा हाल ही में नियुक्त किए गए मीडिया सलाह तुषार ने मंगलवार को ट्विटर पर इस जॉब ऑफर को ठुकराने की घोषणा की।
बाबा रामदेव ने नोटिस के जवाब में कहा कि उनकी टिप्पणियों को संदर्भ से बाहर ले जाया गया। वह केवल प्रयोगात्मक चिकित्सा के अत्यधिक उपयोग पर सवाल उठा रहे थे।
वैसे तो तवलीन के इस ट्वीट के नीचे सोशल मीडिया यूजर्स ने ही उन्हें सलाह दे दी कि पहले तो वह एसी कमरे में बैठकर देश के हालातों पर बात न करें तो बेहतर होगा।
राणा आयूब का यह पहला कैम्पेन नहीं है जो संदेह के दायरे में आया है। इससे पहले उन्होंने महाराष्ट्र, बिहार और असम में राहत कार्यों के लिए कैम्पेन चलाया गया था। इस कैम्पेन में 68 लाख रुपए इकट्ठा हुए थे।