Wednesday, August 4, 2021
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अमेरिकी मीडिया को चीन ने की करोड़ों की फंडिंग, NYT और TIME को मिली बड़ी धनराशि: खबर की जगह छापा चीनी प्रोपेगंडा

चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा नियंत्रित अंग्रेजी अखबार चाइना डेली ने टाइम मैगज़ीन, फॉरेन पॉलिसी मैगज़ीन, फाइनेंशियल टाइम्स, वाशिंगटन पोस्ट समेत कई प्रमुख अमेरिकी प्रकाशनों को लाखों अमेरिकी डॉलर की फंडिंग की है।

दुनिया का सुपर पावर बनने का सपना संजोने वाला चीन अपने प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने के लिए वैश्विक मीडिया को लगातार पैसे खिला रहा है। चीन का प्रोपेगेंडा आउटलेट चाइना डेली ने मीडिया प्रभाव बढ़ाने के लिए पिछले छह महीनों में प्रमुख अमेरिकी समाचार पत्रों और पत्रिकाओं को लाखों डॉलर की फंडिंग की है। यूएस जस्टिस डिपार्टमेंट में दायर दस्तावेजों के हवाले से एक स्वतंत्र विश्लेषक ने इस बात का खुलासा किया है।

जस्टिस डिपार्टमेंट के खुलासे के अनुसार, चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा नियंत्रित अंग्रेजी अखबार चाइना डेली ने टाइम मैगज़ीन, फॉरेन पॉलिसी मैगज़ीन, फाइनेंशियल टाइम्स, वाशिंगटन पोस्ट समेत कई प्रमुख अमेरिकी प्रकाशनों को लाखों अमेरिकी डॉलर की फंडिंग की है।

अमेरिकी समाचार पत्रों को दी गई राशि

रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाइम मैगज़ीन को 7,00,000 अमेरिकी डॉलर, फाइनेंशियल टाइम्स को 3,71,577 अमेरिकी डॉलर, फॉरेन पॉलिसी मैगजीन को 2,91,000 अमेरिकी डॉलर, लॉस एंजिलिस टाइम्स को 2,72,000 अमेरिकी डॉलर दिया गया है। इसके अलावा, कई दूसरे संस्थानों को दस लाख डॉलर से अधिक की फंडिंग की गई है।

जस्टिस डिपार्टमेंट के मुताबिक, चाइना डेली ने इन पब्लिकेशंस को विज्ञापन के लिए भी भुगतान किया है। इसके तहत, न्यूयॉर्क टाइम्स को 50,000 अमेरिकी डॉलर, फॉरेन पॉलिसी को 2,40,000 अमेरिकी डॉलर, डेस मोइनेस रजिस्टर को 34,600 अमेरिकी डॉलर और सीक्यू-रोल कॉल को 76,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया गया।

चाइना डेली ने अमेरिकी समाचार पत्रों में विज्ञापन पर कुल 1,10,02,628 अमेरिकी डॉलर (81.72 करोड़ रुपए) खर्च किया है। इसके अलावा, चीन सोशल मीडिया पर बैन होने के बावजूद चीन ने ट्विटर पर विज्ञापन के लिए 2,65,822 अमेरिकी डॉलर खर्च किए।

इसके अलावा, द लॉस एंजिल्स टाइम्स, द सिएटल टाइम्स, द अटलांटा-जर्नल कॉन्स्टिट्यूशन, द शिकागो ट्रिब्यून, द ह्यूस्टन क्रॉनिकल और द बोस्टन ग्लोब भी चाइना डेली के क्लाइंट के रूप में सूचीबद्ध हैं।

पिछले महीने 1 जून 2021 को चीन ने अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स को भुगतान का पहला विस्तृत लेखा-जोखा पेश किया था, जिसके बाद ये खुलासा हुआ था। कथित तौर पर यूएस जस्टिस डिपार्टमेंट ने सालों पहले चाइना डेली को विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम (एफएआरए) के तहत अपनी गतिविधियों का खुलासा करने के लिए कहा था। इसके बाद आउटलेट ने नवंबर 2016 और अप्रैल 2020 के बीच की अवधि के लिए किए गए खर्चों का खुलासा किया था।

द डेली कॉलर ने पिछले महीने एक रिपोर्ट में खुलासा किया था कि चाइना डेली ने नवंबर 2016 से द वाशिंगटन पोस्ट को $4.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर (34.17 करोड़ रुपया) और वॉल स्ट्रीट जर्नल को लगभग $6 मिलियन अमेरिकी डॉलर (44.57 करोड़ रुपए) से अधिक की फंडिंग की है। इन दोनों संस्थानों ने ‘चाइना वॉच’ नाम से कथित तौर पर चाइना डेली द्वारा उपलब्ध कराए गए पेड कटेंट चलाए। ये कंटेंट ऐसे रखे जाते थे जैसे न्यूज हों, लेकिन वास्तव में इसमें समसामयिक विषयों पर चीन के पक्ष में विचार रखे गए होते थे।

‘द हिंदू’ ने भी दिया था फुल पेज एड

1 जुलाई 2021 को ‘द हिंदू’ अखबार ने भी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की शताब्दी वर्षगाँठ के मौके पर ऐडवरटोरियल के नाम पर फुल पेज का ऐड छापा था। खास बात यह है कि ‘द हिंदू’ ने चीन के पेड कंटेंट को इस तरीके से प्रकाशित किया था कि यह रुटीन खबरों की तरह ही दिखे। ‘द हिंदू’ ने दो दिनों से भी कम समय में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और उसके सर्वोच्च नेता शी जिनपिंग की प्रशंसा वाले दो संपादकीय प्रकाशित किए गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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