उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गंगा नदी के किनारे दो स्थानों पर कई शव रेत में दबे पाए गए। यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से शेयर किए गए। जो कि फर्जी पाए गए हैं।
भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को बिना आधार का बताया है, जिन्होंने B.1.617 म्यूटेंट स्ट्रेन के लिए इंडियन वेरिएंट शब्द का उपयोग किया है।
भाजपा प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्वीट किया, “रोहित सरदाना भाई को वो इंजेक्शन लगाया गया जो उनको सूट नहीं होता था, इलाज के वक्त कोई सीनियर भी नहीं था। ये लापरवाही है या कुछ और इसकी जाँच होनी चाहिए।”
ET ने दावा किया कि सरकार दूसरी वेव को मानने से इंकार कर रही थी इसलिए वह इस स्थिति के लिए उत्तरदायी है। अपने इस दावे को सही साबित करने के लिए उन्होंने प्रोफेसर को गलत तरीके से कोट किया।