अर्थव्यवस्था फिर से मजबूत हो रही है। बिक्री में वृद्धि के बाद कारखानों ने बहुत तेजी से नए वर्कर्स को काम पर रखा है। यह पिछले सात साल में वर्कर्स को काम पर रखने की सबसे तेज गति है।
1) 2006 से 2016 तक 27.1 करोड़ लोगों को ग़रीबी रेखा से निकाला गया। 2) डिपॉजिट इन्सुरेंस कवर को 1 लाख रूपए प्रति व्यक्ति से बढ़ा कर 5 लाख रुपए प्रति व्यक्ति कर दिया गया। ऐसे ही 25 पॉइंट्स में समझें पूरा बजट। जानें किस मंत्रालय को मिला कितना आवंटन।
2020-21 के लिए रक्षा बजट में 3,23,053 रुपए आवंटित किए गए हैं। पिछले बजट 2019-20 में रक्षा क्षेत्र के लिए 3.18 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। रक्षा पेंशन के बजट को गत बजट के 1.17 लाख करोड़ से बढ़ाकर 1.37 लाख करोड़ रुपए किया गया है।
वित्त मंत्री ने किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए 16 सूत्रीय फॉर्मूला पेश किया। कहा कि सरकार की ओर से कृषि विकास योजना को लागू किया गया है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत करोड़ों किसानों को फायदा पहुँचाया गया है।
"पीएम कह चुके हैं कि इन्फास्ट्रक्चर पर अगले पाँच साल में 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा। हाउसिंग, स्वच्छ पानी, हेल्थकेयर, शिक्षण संस्थान, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, वेयरहाउसिंग, सिंचाई जैसे क्षेत्रों में निवेश होगा।"
पीएम मोदी ने इस बैठक में कहा कि CAA पर हमने कुछ भी गलत नहीं किया है, बल्कि हमको फ्रंटफुट पर और आक्रामक रहना है। बैठक में उन्होंने कहा कि CAA से किसी की नागरिकता नहीं जा रही है, बल्कि नागरिकता देने के लिए यह लाया गया है।
फिरोज बख्त ने सीएए के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा, "मोदी और उनके साथियों सलाम कि उन्होंने ऐसे लोगों (पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों) को नागरिकता देने का निर्णय लिया है।"
केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 से ही कई ऐसे क़दम उठाए हैं, जिनसे बाजार में सकारात्मकता आई है और उम्मीद बंधी है कि सत्ता अर्थव्यवस्था को ठीक करने की दिशा में पहल कर रही है। साफ़ है कि बजट इस क्रम में इन प्रयासों की अगली कड़ी होगा। ये सरकार की उन नीतियों को आगे लेकर जाएगा, जिन्हें सरकार ने गिरती आर्थिक विकास दर को संभालने के लिए आजमाया है।
उद्योगपति आनंद महिंद्रा और बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू सहित 16 को पद्म भूषण सम्मान के लिए चुना गया है। पद्म श्री पुरस्कारों में कई आम लोगों के नाम भी शामिल हैं।
जनता की भागीदारी के कारण ‘स्वच्छ भारत अभियान’ ने बहुत ही कम समय में प्रभावशाली सफलता हासिल की है। यही भावना अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों में भी दिखाई देती है। चाहे रसोई गैस की सब्सिडी को छोड़ना हो, या फिर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना।