“हमें ध्यान रखना है कि हमें इतना भी न्यूट्रल (तटस्थ) नहीं होना है कि हमारी पहचान ही खत्म हो जाए। पहले हम मुस्लिम हैं और उसके बाद कुछ और हैं। हमारे अंदर का जो दीन है, जो इमान है, वह जिंदा रहना चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि हम अल्लाह को भी मुँह दिखाने लायक न रह जाएँ।”
बीबीसी का कहना था कि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के पूर्वजों ने पाकिस्तान को ठुकराया था और भारत को अपनाया था। इसके जवाब में भाजपा के फायरब्रांड नेता योगी ने कहा कि उन लोगों ने पाकिस्तान न जाकर भारत पर कोई एहसान नहीं किया है।
विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रंजीत सिंह की हत्या में यूपी पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा है। पुलिस को CCTV कैमरे से दो संदिग्धों की तस्वीरें मिली हैं। इन तस्वीरों को एक पुख्ता सुराग के रूप में पुलिस देख रही है। यूपी पुलिस ने हत्यारों की पहचान कर सूचना देने वालों के लिए 50000 रुपए का इनाम...
दिल्ली में जितने शिक्षक के कुल पद (लगभग 65000) है, उससे अधिक शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकार बनाते ही शुरु कर दी। यूपी में बीते 3 वर्षों में 68000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु हुई है। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होते ही ये शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने लगेंगे। यही नहीं, यूपी ने लाखों अतिथि शिक्षकों के मसले सुलझाए हैं, जो राजनीतिक और शैक्षिक रूप से बेहद संवेदनशील थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ये लोग इतने निकम्मे हो गए हैं कि ख़ुद घर में रजाई में सो रहे हैं और महिलाओं को सड़क पर बैठने के लिए छोड़ दे रहे हैं। उन्होंने ये बात कानपुर में सीएए के समर्थन में आयोजित एक रैली में कही।
“ये मुट्ठी भर लोग, केवल एक परसेंट लोग, हमारा पैसा, देश का पैसा, टैक्स का पैसा खाकर, मुर्दाबाद करेंगे? योगी और मोदी को तुम जिंदा दफन करोगे? मैं तुम्हें जिंदा दफन कर दूँगा। मोदी-योगी देश और प्रदेश को चलाएँगे और ऐसे ही चलाएँगे, जैसे चला रहे हैं।”
यह व्यवस्था लागू होने पर पुलिस को आकस्मिक परिस्थितियों में डीएम की अनुमति लेने से आज़ादी मिल जाएगी। गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और रासुका जैसे मामलों में फिलहाल डीएम की अनुमति चाहिए होती है।
AMU में विरोध प्रदर्शन के नाम पर एक बार फिर आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का मामला सामने आया है। अलीगढ़ पुलिस ने इस मामले में करीब 60 छात्रों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। भड़काऊ नारेबाज़ी करने वालों से सख़्ती से निपटने की बात कही गई है।
रेणुका कुमार की अगुवाई वाली जॉंच समिति ने सौंपी रिपोर्ट। सोनभद्र और मिर्जापुर में फर्जी सहकारी समिति बनाकर 6,602 एकड़ जमीन पर कब्जा आया सामने। मौजूदा समय में इस जमीन की कीमत करीब 660 करोड़ रुपए आँकी गई है।
"जो भी व्यक्ति संविधान के खिलाफ जाकर हिंसात्मक रवैया अपनाएगा, उसके ख़िलाफ़ सख्त से सख्त कार्रवाई करने में प्रदेश सरकार पूरी तरह सक्षम है। आगे दंगाइयों पर ऐसी कार्रवाइयाँ होनी हैं कि उनकी सात पुश्तें याद रखेंगी। उनकी सात पुश्तें गुंडई और दंगा करने से डरेंगी।"