भाजपा के दफ्तर में दिखने वाले नेताओं में विधायक रामबाई, संजीव सिंह कुशवाह, सपा विधायक राजेश शुक्ला निर्दलीय विधायक विक्रम सिंह राणा और सुरेंद्र सिंह शेरा शामिल थे।
मोरबी से कॉन्ग्रेस विधायक बृजेश मेरजा ने इस्तीफा दे दिया है। गुजरात में राज्यसभा चुनाव से पहले यह आठवें विधायक का इस्तीफा है। लेकिन, कॉन्ग्रेस के लिए तो यह केवल संकटों की शुरुआत है।
"इस दौरान मैंने ड्राइवर से पूछा कि वो यहाँ कैसे आया? तो उसने मुझे बताया कि उसे कैंसर था। कोई दवाई नहीं थी, जिससे इलाज हो सके। आखिरकार उसे इस आश्रम आना पड़ा। इस आश्रम में उसे गोमूत्र दिया गया। उसे लेने के बाद बहुत आराम मिला और उसका कैंसर का इलाज हो गया।"
कॉन्ग्रेस को मजबूत करना लोकतंत्र के लिए जरूरी है, जैसे तर्क बेमानी हैं। असल में कॉन्ग्रेस एक बीमारी है। इससे देश को जितनी जल्दी निजात मिल जाए उतना बेहतर। देश रहेगा तो लोकतंत्र भी बचेगा और संविधान भी।