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राज्यसभा का गणित, सरकार जाने का खौफ: विधायकों की किलेबंदी में जुटी कॉन्ग्रेस, गहलोत ने लगाया ’25 करोड़’ का आरोप

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर आरोप लगाया कि कुछ कॉन्ग्रेस विधायकों को 25 करोड़ रुपए तक की पेशकश की गई। गहलोत ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी के विधायक एकजुट हैं और वे किसी तरह के लोभ व लालच में नहीं आएँगे।

राजस्थान कॉन्ग्रेस ने राज्यसभा चुनाव से पहले बुधवार (जून 10, 2020) को अपने विधायकों के साथ-साथ फिलहाल अपने समर्थन में खड़े निर्दलीय विधायकों को भी जयपुर के बाहरी इलाके में सुरक्षित शिफ्ट कर दिया है। राजस्थान सरकार का कहना है कि राज्य में लोकप्रिय निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने के लिए साजिशें रची जा रही हैं।

गुजरात, मध्य प्रदेश और कर्नाटक के बाद अब राजस्थान कॉन्ग्रेस राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले अपने विधायकों की किलेबंदी में जुट गई है। राज्यसभा चुनाव की तीन सीटों पर चुनाव से पहले राजस्थान में चुनावी गतिविधियाँ तेज होने लगी हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी के विधायक एकजुट हैं और वे किसी तरह के लोभ व लालच में नहीं आएँगे। साथ ही, उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि कुछ कॉन्ग्रेस विधायकों को 25 करोड़ रुपए तक की पेशकश की गई है और कहा कि भाजपा की कोशिश को कॉन्ग्रेस सफल नहीं होने देगी।

19 जून को होने हैं राज्यसभा चुनाव

विधायकों को 18 जून तक रिजॉर्ट में रखा जाएगा। 19 जून को राज्यसभा चुनाव होने हैं। इस सिलसिले में कॉन्ग्रेस के केंद्रीय नेता, जिनमें पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला भी शामिल हैं, जयपुर पहुँच रहे हैं।

दरअसल, इस नए राजनैतिक संकट को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने रणदीप सुरजेवाला और महासचिव के सी वेणुगोपाल को जयपुर रवाना किया गया है ताकि वे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ विधायकों को एकजुट रखने में मदद कर सकें।

वर्तमान में कॉन्ग्रेस के सामने राज्य में दोहरी चुनौती है, जहाँ एक तरफ गुजरात से आए 19 कॉन्ग्रेसी विधायकों को एकजुट रखना है तो दूसरी ओर राज्य के कॉन्ग्रेसी विधयकों को भी टूटने से बचाने की चुनौती पार्टी के सामने है।

राजस्थान में इस समय 200 सदस्यों की विधानसभा में, कॉन्ग्रेस के पास 107 विधायक हैं, जिनमें 6 ऐसे विधायक भी हैं, जिन्होंने 2019 में बसपा से निकलकर कॉन्ग्रेस से नाता जोड़ लिया था। कॉन्ग्रेस को 13 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है।

कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने मध्य प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की तरह ही अब राजस्थान में भी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है।

दिल्ली राजमार्ग पर एक होटल में कॉन्ग्रेस और उसके समर्थक विधायकों की देर रात तक चली बैठक के बाद गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि मीटिंग बहुत फलदायी रही और सब एकजुट होकर यहाँ से गए हैं। कल फिर बैठक होगी जिसमें पार्टी के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे भी मौजूद रहेंगे।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा – “आप सबको मालूम है कि जिस प्रकार से कभी कर्नाटक, कभी मध्य प्रदेश, कभी महाराष्ट्र, राजस्थान में चर्चा चलती रहती है। लॉकडाउन में सभी अपने जिलों के अंदर, क्षेत्रों में रहे थे, तो अच्छा हुआ हम सब लोग आपस में मिल लिए। ये प्रोग्राम बना, हम सब आज बैठे, बातचीत की। हमारे पर्यवेक्षक सुरजेवाला भी साथ बैठे थे। अच्छी बातचीत हुई। सबने अपनी भावना व्यक्त की। अच्छी मीटिंग हुई।”

इसके साथ ही अशोक गहलोत ने कहा – “देखिए गुजरात के अंदर, महात्मा गाँधी के गुजरात में क्या हो रहा है। वहाँ पर घर-घर में शराब मिलती है। इसी प्रकार से तोड़फोड़ गुजरात के अंदर, पिछली बार 2017 में 14 विधायक टूट गए, अभी 3 टूट गए और 4 पहले टूट गए थे। हॉर्स ट्रेडिंग करके कब तक राजनीति करोगे, बहुत खतरनाक खेल चल रहा है देश के अंदर।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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