बाबरी विध्वंस के बाद UP के तत्कालीन CM कल्याण सिंह ने कहा था कि उन्हें सूचना दी गई कि कारसेवक बाबरी पर चढ़ गए हैं, लेकिन उन्होंने गोली चलाने के आदेश नहीं दिए।
क्या हिन्दू आस्था के सबसे बड़े और अहम प्रतीक भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण का सफर इतना सरल और खुशनुमा था? इसका जवाब इस मंदिर के इतिहास और बाबरी मस्जिद विवाद के साक्षी लोगों से बेहतर और कौन दे सकता है।
सुबह चार बजे के आसपास रामजन्मभूमि स्थान में मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा हो गई। खबर आई कि भगवान प्रकट हो गए हैं। तड़के साढ़े चार बजे घंटे-घड़ियाल बजने लगे, साधु शंखनाद करने लगे और लोग जोर-जोर से गाने लगे, भए प्रगट कृपाला...