"चंद्रमा की सतह पर विक्रम की हार्ड लैंडिंग हुई, यह स्पष्ट है। मगर लैंडर के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है। तस्वीरें शाम के अंधेरे में ली गईं हैं। बाकी तस्वीरें अक्टूबर में बेहतर प्रकाश की स्थिति में ली जाएँगी।”
इसरो प्रमुख ने बताया कि इसरो का अगला बड़ा लक्ष्य गगनयान है। उन्होंने बताया कि संस्था दिसंबर, 2021 तक चन्द्रमा पर मनुष्य को भेजने के लक्ष्य पर काम कर रही है। और उस मिशन में रॉकेट भी भारत में बना हुआ ही होगा।
परमाणु बम की तकनीक 'नकलचोरी' करने वाले कादिर खान को सर पर बिठाने वाले पाकिस्तान में असली वैज्ञानिकों की नाकद्री का अब्दुस सलाम से बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता। लेकिन उन्हें कभी भाव नहीं दिया गया, क्योंकि वे अहमदी थे, जिन्हें कट्टरपंथी 'सच्चा' नहीं मानते।
क्या आपको पता है कि दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष दूरबीन को NASA ने नहीं, बल्कि पाकिस्तान की स्पेस एजेंसी ने भेजा था। क्या आपको यह पता है कि पानी को हाइड्रोजन-ऑक्सीजन में तोड़ने से उत्पन्न उर्जा के माध्यम से चलने वाली कार का आविष्कर तक पाकिस्तान में हुआ है!
पाकिस्तान के नेता मुअज्जम नियाजी इतने काबिल और सफल ‘वैज्ञानिक’ हैं कि आप उन्हें कोई भी फल दे दो, वो उससे चीनी बना देंगे। इतना ही नहीं, उनका दावा है कि वो पानी और सौर ऊर्जा से पेट्रोल बनाने में सफल रहे हैं। अब जल्द ही वो लोगों को मुफ्त में पेट्रोल देंगे।
वीडियो में देखा जा सकता है कि पठानी कुर्ता-पजामा में एक व्यक्ति लेटा हुआ है और दूसरा व्यक्ति प्रैक्टिकल कर के बता रहा है कि कैसे कबूतर अपने गुदाद्वार का प्रयोग करते हुए उक्त व्यक्ति की नाभि से हेपेटायटिस के कीड़े को खींच लेता है।
2014 के अगस्त में जब चीन में 398 लोगों की जान लेने वाला भूकंप आया था, इसरो ने भी CARTOSAT से ली हुई तस्वीरें चीन की एक्टिवेशन रिक्वेस्ट के बाद भेजी थीं।
सिर्फ 3 साल के भीतर सुअर के दिलों को इंसानों में ट्रांसप्लांट करना संभव हो सकता है। 40 साल पहले ब्रिटेन का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टर टेरेन्स का कहना है कि इस तकनीक से हृदय रोगियों को एक नई जिंदगी मिल सकती है।
2 अगस्त को भारत के मून स्पेसक्राफ्ट चंद्रयान-2 की ऑर्बिट को चोथी बार सफलतापूर्वक बढ़ाया था। इसके ऑर्बिट को 6 अगस्त को दोपहर 2.30 से 3.30 के बीच में पाँचवीं बार बढ़ाया जाएगा।