राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी ने आधुनिक विज्ञान और तकनीक की बुनियादी बातें भी नहीं पढ़ी हैं, उनका देश के शीर्ष कंप्यूटर वैज्ञानिक को गौमूत्र विशेषज्ञ कहना बेहद हास्यास्पद है।
युवा इंजीनियरों की बनाई स्काईरूट ने 'विक्रम-1' के साथ इतिहास रच दिया। जानिए कैसे यह लॉन्च और स्पेस सेक्टर में हुए सुधार भारत के लिए मील का पत्थर साबित हुए।
'मन की बात' से लेकर पेरिस के 'विवाटेक 2026' तक, जानिए कैसे भारतीय स्टार्टअप 'स्पंदन ईसीजी' ने पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों का ध्यान खींचकर ग्लोबल पहचान बनाई।