पानी से बनाया पेट्रोल, किसी भी फल से बना डाला चीनी: पाकिस्तान का वैज्ञानिक चमत्कार

"अगर मुझे भरपूर पानी मुहैया कराया जाए तो मैं पूरे पाकिस्तान में मुफ्त पेट्रोल बाँटूँगा और ये मेरी दिली ख्वाहिश है कि..."

पाकिस्तान में टैलेंट की कमी नहीं है। यहाँ के लोगों ने ऐसे-ऐसे आविष्कार किए हैं कि वैज्ञानिक भी इनके सामने हतप्रभ होकर नतमस्तक हो जाएँगे। दिलचस्प बात ये है कि पाकिस्तान के वैज्ञानिक ही नहीं, राजनेता भी वैज्ञानिक का काम करते हैं। यानी कि राजनेता ही वैज्ञानिक और वैज्ञानिक ही राजनेता!

जी हाँ, पाकिस्तान के नौसीखिए वैज्ञानिक और राजनेता मुअज्जम खान नियाजी ने अपने आविष्कार से संपूर्ण विश्व को चौंका दिया। दरअसल, नियाजी ने दावा किया कि उन्होंने एक ऐसा आविष्कार किया है, जिसमें उन्होंने पानी से पेट्रोल बनाने की बात कही है। नियाजी ने कहा कि वो पानी और सौर ऊर्जा से पेट्रोल बनाने में सफल रहे। अब जल्द ही लोगों को मुफ्त में पेट्रोल दिया जाएगा। 

इतना ही नहीं, नियाजी की काबिलियत यहीं तक सीमित नहीं है। वो तो इतने काबिल और सफल ‘वैज्ञानिक’ हैं कि आप उन्हें कोई भी फल दे दो, वो उससे चीनी बना देंगे। उनका कहना है कि वो किसी भी फल से चीनी बना सकते हैं और उनके द्वारा इस विधि से बनाई गई चीनी मधुमेह पीड़ित (diabetic patients) के लिए भी लाभदायक होगा।

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नियाजी सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर के जरिए लगातार अपने ‘ज्ञान की मोती’ का प्रसार करते हैं। पूरी दुनिया पर पाकिस्तानी हुकूमत का सपना देखने वाले नियाजी का कहना है कि उनकी विधि का उपयोग करने वाले पेट्रोल का उत्पादन करने पर लगभग 950 मिलियन रुपए के प्रारंभिक निवेश का खर्च आएगा।

उन्होंने पूरी आवाम को मुफ्त पेट्रोल प्रदान करने की इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि अगर उन्हें भरपूर पानी मुहैया कराया जाए तो वह देश भर में मुफ्त पेट्रोल बाँटेंगे और ये उनकी दिली ख्वाहिश है।

पाकिस्तान में इस तरह की बयानबाजी और अधारहीन, बेतुकी बातें करना कोई नई बात नहीं है। इनके देश में ऐसा चलता रहता है। क्योंकि हकीकत में तो नमक-रोटी के लिए भी तरस रहे हैं और कर्ज के लिए अमेरिका के आगे हाथ फैला रहे हैं। इसलिए ये लोग बड़ी-बड़ी बातें करके ही मन बहला लेते हैं। इनकी बातें मुंगेरी लाल के हसीन सपने की तरह होती हैं, जिसका हकीकत से कोई लेना देना नहीं होता है। पाकिस्तान में ऐसे ‘विद्वान वैज्ञानिकों’ की कमी नहीं है।

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