Thursday, July 25, 2024
Homeहास्य-व्यंग्य-कटाक्षपानी से बनाया पेट्रोल, किसी भी फल से बना डाला चीनी: पाकिस्तान का वैज्ञानिक...

पानी से बनाया पेट्रोल, किसी भी फल से बना डाला चीनी: पाकिस्तान का वैज्ञानिक चमत्कार

"अगर मुझे भरपूर पानी मुहैया कराया जाए तो मैं पूरे पाकिस्तान में मुफ्त पेट्रोल बाँटूँगा और ये मेरी दिली ख्वाहिश है कि..."

पाकिस्तान में टैलेंट की कमी नहीं है। यहाँ के लोगों ने ऐसे-ऐसे आविष्कार किए हैं कि वैज्ञानिक भी इनके सामने हतप्रभ होकर नतमस्तक हो जाएँगे। दिलचस्प बात ये है कि पाकिस्तान के वैज्ञानिक ही नहीं, राजनेता भी वैज्ञानिक का काम करते हैं। यानी कि राजनेता ही वैज्ञानिक और वैज्ञानिक ही राजनेता!

जी हाँ, पाकिस्तान के नौसीखिए वैज्ञानिक और राजनेता मुअज्जम खान नियाजी ने अपने आविष्कार से संपूर्ण विश्व को चौंका दिया। दरअसल, नियाजी ने दावा किया कि उन्होंने एक ऐसा आविष्कार किया है, जिसमें उन्होंने पानी से पेट्रोल बनाने की बात कही है। नियाजी ने कहा कि वो पानी और सौर ऊर्जा से पेट्रोल बनाने में सफल रहे। अब जल्द ही लोगों को मुफ्त में पेट्रोल दिया जाएगा। 

इतना ही नहीं, नियाजी की काबिलियत यहीं तक सीमित नहीं है। वो तो इतने काबिल और सफल ‘वैज्ञानिक’ हैं कि आप उन्हें कोई भी फल दे दो, वो उससे चीनी बना देंगे। उनका कहना है कि वो किसी भी फल से चीनी बना सकते हैं और उनके द्वारा इस विधि से बनाई गई चीनी मधुमेह पीड़ित (diabetic patients) के लिए भी लाभदायक होगा।

नियाजी सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर के जरिए लगातार अपने ‘ज्ञान की मोती’ का प्रसार करते हैं। पूरी दुनिया पर पाकिस्तानी हुकूमत का सपना देखने वाले नियाजी का कहना है कि उनकी विधि का उपयोग करने वाले पेट्रोल का उत्पादन करने पर लगभग 950 मिलियन रुपए के प्रारंभिक निवेश का खर्च आएगा।

उन्होंने पूरी आवाम को मुफ्त पेट्रोल प्रदान करने की इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि अगर उन्हें भरपूर पानी मुहैया कराया जाए तो वह देश भर में मुफ्त पेट्रोल बाँटेंगे और ये उनकी दिली ख्वाहिश है।

पाकिस्तान में इस तरह की बयानबाजी और अधारहीन, बेतुकी बातें करना कोई नई बात नहीं है। इनके देश में ऐसा चलता रहता है। क्योंकि हकीकत में तो नमक-रोटी के लिए भी तरस रहे हैं और कर्ज के लिए अमेरिका के आगे हाथ फैला रहे हैं। इसलिए ये लोग बड़ी-बड़ी बातें करके ही मन बहला लेते हैं। इनकी बातें मुंगेरी लाल के हसीन सपने की तरह होती हैं, जिसका हकीकत से कोई लेना देना नहीं होता है। पाकिस्तान में ऐसे ‘विद्वान वैज्ञानिकों’ की कमी नहीं है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

वकील चलाता था वेश्यालय, पुलिस ने की कार्रवाई तो पहुँचा हाई कोर्ट: जज ने कहा- इसके कागज चेक करो, लगाया ₹10000 का जुर्माना

मद्रास हाई कोर्ट में एक वकील ने अपने वेश्यालय पर कार्रवाई के खिलाफ याचिका दायर की। कोर्ट ने याचिका खारिज करके ₹10,000 का जुर्माना लगा दिया।

माजिद फ्रीमैन पर आतंक का आरोप: ‘कश्मीर टाइप हिंदू कुत्तों का सफाया’ वाले पोस्ट और लेस्टर में भड़की हिंसा, इस्लामी आतंकी संगठन हमास का...

ब्रिटेन के लेस्टर में हिन्दुओं के विरुद्ध हिंसा भड़काने वाले माजिद फ्रीमैन पर सुरक्षा एजेंसियों ने आतंक को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -