एक सूटकेस में किसी मर्द का पैर, हाथ और प्राइवेट पार्ट। उसके बाद एक स्वेटर। स्वेटर पर सिलने वाले टेलर का नाम... यही क्लू मुंबई पुलिस को बेटी द्वारा बाप के मर्डर की कहानी तक ले जाती है।
"अगर अदालती प्रक्रिया से न्याय होता तो इसमें काफी लंबा समय लगता। क्राइम सीन को रिक्रिएट करने के लिए 100% 'ऊपर' से निर्देश हुआ। तेलंगाना राज्य तत्काल कार्रवाई करने में बहुत तेज है। मैं बहुत खुश हूँ।"
हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप और हत्या के चारों आरोपित शुक्रवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। इस मामले में शादनगर के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) ने शिकायत दर्ज की है। शादनगर पुलिस स्टेशन में भी कंप्लेन दर्ज की गई है.....
"वे गोलीबारी करते रहे। हमारे द्वारा आत्मसमर्पण करने के लिए कहने के बावजूद उन्होंने गोलीबारी और हमला करना जारी रखा। इस घटना में अरविंद गौड़ और वेंकटेश्वरुलु नाम के दो पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर पर भी गंभीर चोटें लगी।"
एमएल शर्मा ने कहा था कि बलात्कार के लिए पुरुष से ज्यादा महिलाएँ जिम्मेदार होती हैं। उन्होंने कहा था कि बलात्कार होते समय महिलाओं को संघर्ष नहीं करना चाहिए बल्कि जो हो रहा है, उसे होने देना चाहिए। साथ ही वो कहते हुए दिखे थे कि निर्भया चुपचाप रेप होने देती तो आरोपित 'सब कुछ कर के' उसे घर तक छोड़ देते।
"गीता (बदला हुआ नाम) की साड़ी घुटनों से ऊपर खींची हुई थी, ऊपरी शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था, उनके सिर, गले और हाथों पर गंभीर चोट के निशान थे। उनके पति की हालत खराब है। आत्महत्या करने की सोचता है। अब बच्चों का क्या होगा?"
साल 2008, दो लड़कियाँ इंजिनियरिंग की पढ़ाई करती थीं - स्वपनिका और प्रनिथा। स्वपनिका को श्रीनिवास ने प्रोपोज किया। स्वपनिका ने ठुकरा दिया। लेकिन 'मर्द' श्रीनिवास ने इसे अपना अपमान समझा। अपने 2 दोस्तों के साथ मिलकर उसने स्वपनिका के साथ-साथ प्रनिथा पर भी एसिड फेंक दिया।
इससे पहले पीड़िता के पिताजी ने मंगलवार को कहा था, "दोषियों को जितना जल्दी संभव हो उतनी जल्दी सजा मिलनी चाहिए। कई कानून बनाए गए लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा है। निर्भया केस को ही देख लीजिए। दोषियों को फाँसी पर लटकाना चाहिए।"