Thursday, January 28, 2021
Home देश-समाज जिस वकील ने कुरान बाँटने के मामले में ऋचा पटेल को दिलाई थी जमानत,...

जिस वकील ने कुरान बाँटने के मामले में ऋचा पटेल को दिलाई थी जमानत, उनकी गोली मारकर हत्या

परिजनों का कहना है कि एक ज़मीन पर क़ब्ज़े के प्रयास को लेकर रामप्रवेश सिंह निशाने पर थे। डेढ़ महीने पहले ज़मीन पर क़ब्ज़ा करने के मामले में रमेश गाड़ी और उसके साले छोटू लकड़ा ने दो दर्जन से अधिक गुर्गों के ज़रिए राम प्रवेश सिंह पर हमला करवाया था।

हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले हमलावर बेखौफ़ घूमते हुए किस तरह से घटनाओं को अंजाम देते हैं, इस बात का अंदाज़ा सामने आए एक CCTV फुटेज को देखकर लगाया जा सकता है। झारखंड के रांची में सिविल कोर्ट के अधिवक्ता रामप्रवेश सिंह की गोली मारकर हत्या करने वाले शख़्स का वीडियो सामने आया है। इसमें हमलावर ने हाथ पीछे करके पिस्तौल छिपा रखी थी और वो बड़े आराम से अधिवक्ता की ओर चलकर आ रहा था। इसके बाद बिलकुल नज़दीक जाकर उसने अधिवक्ता की आँख के पास गोली मार दी, इससे वो वहीं ज़मीन पर गिर गए और मौक़े पर ही उनकी मौत हो गई। 

हिंदुस्तान अखबार में प्रकाशित खबर

बता दें कि रामप्रवेश सिंह वही अधिवक्ता थे, जिन्होंने 19 साल की ऋचा भारती के उस मामले की पैरवी की थी, जिसमें कोर्ट द्वारा उन्हें (ऋचा भारती) सोशल मीडिया पर साम्प्रदायिक पोस्ट की सज़ा के रूप में क़ुरान बाँटने का आदेश दिया गया था। इस मामले में ऋचा भारती को ज़मानत दिलाने के बाद वो चर्चा में आ गए थे।

इंडिया टुडे की ख़बर

दरअसल, यह घटना बीते सोमवार (9 दिसंबर) को रात के क़रीब सात बजे कांके थाना क्षेत्र के सर्वोदय नगर रोड नंबर पाँच में घटी। मृत अधिवक्ता का घर भी वहीं है। घटना के बाद मौक़े पर पहुँची पुलिस को घटनास्थल से 7.65 बोर की गोली का एक खोखा मिला, जिसे ज़ब्त कर लिया गया।

ख़बर के अनुसार, बाइक सवार दो बदमाशों ने अधिवक्ता को एक गोली आँख के नीचे मारी। गोली उनके सिर को भेदते हुए आर-पार हो गई। इसके बाद आसपास के लोग उन्हें इलाज के लिए रिम्स ले गए, जहाँ डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विधानसभा चुनाव की गहमा-गहमी और सुरक्षा अलर्ट के बाद भी राजधानी रांची के पॉश इलाक़े में हुई इस तरह की वारदात ने क़ानून-व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 

आसपास के CCTV फुटेज खँगालने से पुलिस को बाइक पर सवार एक अन्य अपराधी का भी पता चला नज़र आया। दरअसल, वो हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर को वहाँ से ले जाने के लिए उसके इंतज़ार में खड़ा था। जैसे ही हमलावर ने अधिवक्ता को गोली मारी, उसके तुरंत बाद इंतज़ार कर रहे दूसरा अपराधी उसे वहाँ से लेकर भाग जाता है।

अधिवक्ता के परिजनों का कहना है कि सर्वोदय नगर की एक ज़मीन पर क़ब्ज़े के प्रयास को लेकर रामप्रवेश सिंह निशाने पर थे। उन्होंने बताया कि क़रीब डेढ़ महीने पहले सर्वोदय नगर की 81 डिसमिल ज़मीन पर क़ब्ज़ा करने के मामले में रमेश गाड़ी और उसके साले छोटू लकड़ा ने दो दर्जन से अधिक गुर्गों के ज़रिए राम प्रवेश सिंह पर हमला करवाया था।

यह भी पढ़ें: ऋचा भारती पर अभद्र टिप्पणी करने वाले अबु आजमी वसीम खान के ख़िलाफ़ FIR दर्ज, अभी है फरार

‘बाँटनी होगी कुरान’- जमानत के लिए कोर्ट के इस शर्त को मानने से ऋचा भारती ने किया इनकार

मुस्लिम वकीलों ने भी ऋचा भारती पर ‘कुरान जजमेंट’ को बताया आश्चर्यजनक, तबादले तक जज का बहिष्कार

ऋचा भारती को नहीं बाँटनी होगी कुरान की प्रतियाँ, राँची कोर्ट ने वापस लिया फैसला

कुरान बाँटने वाला आदेश सही, ऋचा को इस्लाम समझने का मौक़ा मिलेगा: एडवोकेट जनरल, झारखण्ड

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘छात्र’ हैं, ‘महिलाएँ’ हैं, ‘अल्पसंख्यक’ हैं और अब ‘किसान’ हैं: लट्ठ नहीं बजे तो कल और भी आएँगे, हिंसा का नंगा नाच यूँ ही...

हिन्दू वोट भी दे, अपना कामधाम भी करे और अब सड़क पर आकर इन दंगाइयों से लड़े भी? अगर कल सख्त कार्रवाई हुई होती तो ये आज निकलने से पहले 100 बार सोचते।

कल तक क्रांति की बातें कर रहे किसान समर्थक दीप सिद्धू के वीडियो डिलीट कर रही है कॉन्ग्रेस, जानिए वजह

एक समय किसान विरोध प्रदर्शनों को 'क्रांति' बताने वाले दीप सिद्धू को लिबरल गिरोह, कॉन्ग्रेस और किसान नेता भी अब अपनाने से इंकार कर रहे हैं।

किसानों नेताओं ने हिंसा भड़काई, धार्मिक झंडे लहराए और विश्वासघात किया: दिल्ली पुलिस

गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आन्दोलनकारियों के लाल किले पर उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस आज शाम 8 बजे प्रेस वार्ता कर रही है।

घायल पुलिसकर्मियों ने बयान किया हिंसा का आँखों देखा मंजर: लाल किला, ITO, नांगलोई समेत कई जगहों पर थी तैनाती

"कई हिंसक लोग अचानक लाल किला पहुँच गए। नशे में धुत किसान या वे जो भी थे, उन्होंने हम पर अचानक तलवार, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया।"

योगेन्द्र यादव, राकेश टिकैत सहित 37 किसान नेताओं पर FIR: गिरफ्तारी पर कोई बात नहीं

राजधानी में हुई हिंसा के बाद एक्शन मोड में आई दिल्ली पुलिस ने 37 नेताओं पर एफआईआर दर्ज की है। इनमें राकेश टिकैत, डाॅ दर्शनपाल, जोगिंदर सिंह, बूटा, बलवीर सिंह राजेवाल और राजेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं।

डर के मारे पड़ी फूट या समझदारी: दो ‘किसान’ संगठन हुए आंदोलन से अलग

भारतीय किसान यूनियन 'भानु' के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह और राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के वीएम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना आंदोलन खत्म करने का एलान किया है।

प्रचलित ख़बरें

लाइव TV में दिख गया सच तो NDTV ने यूट्यूब वीडियो में की एडिटिंग, दंगाइयों के कुकर्म पर रवीश की लीपा-पोती

हर जगह 'किसानों' की थू-थू हो रही, लेकिन NDTV के रवीश कुमार अब भी हिंसक तत्वों के कुकर्मों पर लीपा-पोती करके उसे ढकने की कोशिशों में लगे हैं।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

अब पूरे देश में ‘किसान’ करेंगे विरोध प्रदर्शन, हिंसा के लिए माँगी ‘माफी’… लेकिन अगला निशाना संसद को बताया

दिल्ली में हुई हिंसा पर किसान नेता 'गलती' मान रहे लेकिन बेशर्मी से बचाव भी कर रहे और पूरे देश में विरोध प्रदर्शन की बातें कर रहे।

26 जनवरी 1990: संविधान की रोशनी में डूब गया इस्लामिक आतंकवाद, भारत को जीतना ही था

19 जनवरी 1990 की भयावह घटनाएँ बस शुरुआत थी। अंतिम प्रहार 26 जनवरी को होना था, जो उस साल जुमे के दिन थी। 10 लाख लोग जुटते। आजादी के नारे लगते। गोलियॉं चलती। तिरंगा जलता और इस्लामिक झंडा लहराता। लेकिन...
- विज्ञापन -

 

किसान नहीं बल्कि पुलिस हुई थी हिंसक: दिग्विजय सिंह ने दिल्ली पुलिस को ही ठहराया दंगों का दोषी

कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली में किसान उग्र नहीं हुए थे बल्कि दिल्ली पुलिस उग्र हुई थी।

‘छात्र’ हैं, ‘महिलाएँ’ हैं, ‘अल्पसंख्यक’ हैं और अब ‘किसान’ हैं: लट्ठ नहीं बजे तो कल और भी आएँगे, हिंसा का नंगा नाच यूँ ही...

हिन्दू वोट भी दे, अपना कामधाम भी करे और अब सड़क पर आकर इन दंगाइयों से लड़े भी? अगर कल सख्त कार्रवाई हुई होती तो ये आज निकलने से पहले 100 बार सोचते।

कल तक क्रांति की बातें कर रहे किसान समर्थक दीप सिद्धू के वीडियो डिलीट कर रही है कॉन्ग्रेस, जानिए वजह

एक समय किसान विरोध प्रदर्शनों को 'क्रांति' बताने वाले दीप सिद्धू को लिबरल गिरोह, कॉन्ग्रेस और किसान नेता भी अब अपनाने से इंकार कर रहे हैं।

ट्रैक्टर रैली में हिंसा के बाद ट्विटर ने किया 550 अकाउंट्स सस्पेंड, रखी जा रही है सबपर पैनी नजर

ट्विटर की ओर से कहा गया है कि इसने उन ट्वीट्स पर लेबल लगाए हैं जो मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करते हुए पाए गए। इन अकाउंट्स पर पैनी नजर रखी जा रही है।

वीडियो: खालिस्तान जिंदाबाद कहते हुए तिरंगा जलाया, किसानों के ‘आतंक’ से परेशान बीमार बुजुर्ग धरने पर बैठे

वीडियो में बुजुर्ग आदमी सड़क पर बैठे हैं और वहाँ से उठते हुए कहते हैं, "ये बोलते है आगे जाओगे तो मारूँगा। अरे क्या गुनाह किया है? हम यहाँ से निकले नहीं? हमारे रास्ते में आ गए।"

किसानों नेताओं ने हिंसा भड़काई, धार्मिक झंडे लहराए और विश्वासघात किया: दिल्ली पुलिस

गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आन्दोलनकारियों के लाल किले पर उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस आज शाम 8 बजे प्रेस वार्ता कर रही है।

घायल पुलिसकर्मियों ने बयान किया हिंसा का आँखों देखा मंजर: लाल किला, ITO, नांगलोई समेत कई जगहों पर थी तैनाती

"कई हिंसक लोग अचानक लाल किला पहुँच गए। नशे में धुत किसान या वे जो भी थे, उन्होंने हम पर अचानक तलवार, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया।"

बिहार में टेंपो में सवार 2-3 लोगों ने दिनदहाड़े बीजेपी प्रवक्ता को मारी दो गोली: स्थिति नाजुक

कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य ललन प्रसाद सिंह से प्रभार को लेकर डॉ शम्शी का विवाद चल रहा था। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है।

महाराष्ट्र-कर्नाटक के बीच मराठी भाषी क्षेत्र घोषित हो केंद्र शासित प्रदेश: उद्धव ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने कहा कि कर्नाटक के कब्जे वाले मराठी-भाषी क्षेत्रों को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया जाना चाहिए, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट अपना अंतिम फैसला नहीं दे देता।

हिंदू लड़की ने माता-पिता पर लगाया जबरन ईसाई बनाने का आरोप: 9 लोग गिरफ्तार, 2 की तलाश जारी

इंदौर से एक बेहद ही सनसनीखेज मामला सामने आ रहा है, जहाँ एक लड़की ने अपने ही माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है कि वे उसका जबरन धर्मांतरण करवा रहे थे।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
387,000SubscribersSubscribe